सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले तथा आंध्र प्रदेश पुलिस के संयुकत अभियान श्पूना मारगेमश् को बड़ी सफलता मिली है। कोंटा-किस्टाराम एरिया कमेटी में सक्रिय, कुल आठ लाख रुपये के इनामी चार माओवादी कैडरों ने आज आटोमैटिक हथियारों और गोला-बारूद सहित आत्मसमर्पण कर दिया। इनमें दो महिला कैडर भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वाले कैडर गोलापल्ली लोकल आपरेशन स्क्वाड (एलओएस) के कमांडर और पार्टी सदस्य हैं। इन्होंने एक सेल्फ लोडिंग राइफल (एसएलआर), एक इंसास राइफल, एक .303 और एक .315 बोर राइफल तथा कई राउंड जमा कराए। यह कार्रवाई जिला सुकमा पुलिस और आंध्र प्रदेश के अल्लूरि सीताराम राजू जिले की पुलिस के संयुक्त प्रयासों से संभव हुई। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक पी. सुंदरराज, सुकमा के पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष इन कैडरों ने छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। पुलिस अधीक्षक चव्हाण ने शेष माओवादियों से भी हिंसा का रास्ता छोड़कर पुनर्वास योजना का लाभ उठाने की अपील की। पुलिस के अनुसार, सुदूर क्षेत्रों में सुरक्षा कैंपों की स्थापना, प्रभावी अभियानों और विकास योजनाओं की पहुंच ने माओवादियों के स्वतंत्र विचरण को सीमित कर दिया है, जिससे संगठन में मोहभंग बढ़ा है। शासन की श्पुनर्वास से पुनर्जीवनश् नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले सभी कैडरों को आर्थिक सहायता एवं पुनर्वास की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, ताकि वे शांतिपूर्ण जीवन जी सकें। इस अवसर पर आईजी पी सुंदरराज ने कहा कि माओवादी संगठन अब समाप्ति के कगार पर है।

मुजफ्फरनगर में बुलडोजर एक्शनः आशियाना गिरता देखकर महिला हुई बेहोश
न्याजूपुरादृकाली नदी क्षेत्र में अवैध निर्माण पर ध्वस्तीकरण से मचा हड़कंप, आमने-सामने आए अधिकारी और स्थानीय लोग मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में अवैध निर्माण के खिलाफ की गई एमडीए की सख्त कार्रवाई उस समय तनाव का कारण बन गई, जब अपने मकान के ध्वस्तीकरण के दौरान एक महिला की तबीयत बिगड़ गई और क्षेत्र में विरोध के स्वर तेज हो गए। प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच नोटिस दिए जाने को लेकर भी विवाद सामने आया है। एमडीए के अधिकारी छह बुलडोजर के साथ अवैध निर्माध ध्वस्त करने निकले थे। जिस इलाके में ये कार्रवाई की गई, वहां गुरबत में जी रहे लोग अपने आशियाने बनाकर रह रहे हैं। शहर कोतवाली क्षेत्र





