जीएसटी परिषद का बड़ा फैसला: MSMEs को 3 दिन में पंजीकरण, टैक्स स्लैब में बदलाव से 8 सेक्टरों को राहत

नई दिल्ली: कारोबारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जीएसटी परिषद ने बुधवार को कई अहम निर्णय लिए। सूत्रों के अनुसार, परिषद ने एमएसएमई और स्टार्टअप्स के लिए पंजीकरण की समयसीमा 30 दिन से घटाकर 3 दिन करने पर सहमति जताई। साथ ही, निर्यातकों को जीएसटी रिफंड देने की प्रक्रिया को पूरी तरह स्वचालित बनाने का प्रस्ताव भी मंज़ूर कर लिया गया।

सूत्रों के मुताबिक दो दिवसीय बैठक की शुरुआत आज से हुई, जिसमें कर दरों के सरलीकरण को मुख्य एजेंडा रखा गया। फिलहाल 5%, 12%, 18% और 28% की चार दरें लागू हैं। सरकार का इरादा है कि 28% टैक्स वाले ज़्यादातर सामानों को 18% वर्ग में और 12% वाले कुछ उत्पादों को 5% वर्ग में लाया जाए। इस कदम से एक ओर घरेलू खपत बढ़ने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर लगभग 50,000 करोड़ रुपये के अनुमानित राजस्व घाटे को भी संतुलित करने की कोशिश होगी।

इसे भी पढ़ें:  भारत का कच्चा तेल भंडार 6 महीने नहीं, 20-40 दिन का सहारा

जानकारी के मुताबिक, इस बदलाव से वस्त्र, उर्वरक, नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल, हस्तशिल्प, कृषि, स्वास्थ्य और बीमा जैसे आठ अहम क्षेत्रों को फायदा पहुंच सकता है। परिषद जीवन व स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम जैसी कुछ सेवाओं को पूरी तरह करमुक्त करने पर भी विचार कर रही है।

हालांकि, विलासिता और “पाप वस्तुओं” जैसे तंबाकू, शराब और महंगी गाड़ियों पर राहत मिलने की संभावना नहीं है। इनके लिए मुआवजा उपकर की जगह स्वास्थ्य उपकर या हरित ऊर्जा उपकर लगाए जाने पर चर्चा चल रही है।

इसे भी पढ़ें:  तरनतारन लॉ कॉलेज में खौफनाक वारदात, छात्रा की गोली मारकर हत्या, आरोपी ने खुद को भी मारा

दरअसल, पिछले आठ सालों में अलग-अलग कर स्लैब से असमान राजस्व वसूली सामने आई है। ऐसे में सरकार का तर्क है कि दरों में सुधार से मध्यमवर्ग और आम उपभोक्ताओं को सीधा लाभ होगा, क्योंकि रोज़मर्रा की ज़रूरतों के साथ-साथ कुछ महंगे सामान भी सस्ते हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि कर घटने से कंपनियां उत्पादों की कीमतें कम कर सकती हैं। हालांकि इसका पूरा फायदा उपभोक्ताओं तक पहुँचेगा या नहीं, इसकी गारंटी नहीं है। फिर भी, मांग में बढ़ोतरी से उत्पादन और रोज़गार के नए अवसर बनने की संभावना ज़रूर है।

इसे भी पढ़ें:  देश में 12 जगहों पर छापेमारी, संदिग्ध आतंकी समेत आठ दहशतगर्द गिरफ्तार

वहीं, अमेरिका द्वारा हाल ही में 50% आयात शुल्क लगाने से लगभग 48 अरब डॉलर के निर्यात पर असर पड़ने का अंदेशा है। सरकार को विश्वास है कि घरेलू मांग में वृद्धि इस असर को काफी हद तक कम कर सकती है।

अब परिषद के सामने सबसे बड़ी चुनौती सभी राज्यों को साथ लेकर चलने की है। खासतौर से तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे गैर-भाजपा शासित राज्यों ने संभावित राजस्व घाटे को लेकर चिंता जताई है और मुआवज़े की मांग के संकेत दिए हैं।

Also Read This

गंगनहर में डूबे बालक का शव तीन दिन बाद मिला, गांव में मातम, परिवार में कोहराम

साथियों के साथ गंगनहर में नहाने के लिए गया था 12 वर्षीय सुबहान अंसारी, एनडीआरएफ ने तलाश किया शव खतौली। थाना क्षेत्र के शेखपुरा गांव निवासी 12 वर्षीय बालक सुबहान अंसारी का शव रविवार सुबह तीन दिन बाद नंगली के रजवाहे में मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। बालक 8 मई को साथियों के साथ गंगनहर में नहाने गया था, तभी वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों ने गंगनहर में डूबने की आशंका जताई थी। इसे भी पढ़ें:  देश में 12 जगहों पर छापेमारी, संदिग्ध आतंकी समेत आठ दहशतगर्द गिरफ्तारजानकारी के अनुसार शेखपुरा निवासी सुबहान अंसारी पुत्र रिजवान अपने दोस्तों के साथ गुरुवार दोपहर गंगनहर पर

Read More »

लालवाला विवाद के बीच नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद हाउस अरेस्ट

लालवाला गांव में दलित-राजपूत संघर्ष के बाद जाना चाहते थे आसपा सांसद, पुलिस ने जाने से पहले रोका, आवास के बाहर भारी फोर्स तैनात सहारनपुर। देवबंद क्षेत्र के लालवाला गांव में दो बीघा जमीन को लेकर दलित और राजपूत समाज के बीच हुए विवाद के बाद बढ़े तनाव में पुलिस सख्त रवैया बनाये हुए हैं। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चन्द्रशेखर आजाद गांव लालवाला जाना चाहते थे, लेकिन उनको रविवार सुबह पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। प्रशासन ने छुटमलपुर स्थित उनके आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है और किसी भी समर्थक को अंदर-बाहर आने-जाने पर नजर रखी जा रही है। इसे

Read More »