हिसार। हिसार जिले के एक गांव की 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर चंडीगढ़ ले जाकर बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे सुनील जिंदल की अदालत ने आरोपी सोनू, निवासी मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश), को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अगस्त 2021 में हुई थी वारदा
यह मामला अगस्त 2021 का है, जब पीड़िता के परिजनों ने थाना में नाबालिग के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जांच शुरू की और कुछ ही समय बाद नाबालिग को चंडीगढ़ से बरामद किया गया। इसके बाद पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं।
कमरे में बंद कर कई दिनों तक किया दुष्कर्म
जांच के दौरान पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी सोनू मजदूरी करता था और उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ चंडीगढ़ ले गया। वहां एक कमरे में उसे बंधक बनाकर कई दिनों तक उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
पॉक्सो एक्ट के तहत दर्ज हुआ था मामला
पीड़िता के बयान और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। करीब चार साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
जुर्माना न देने पर बढ़ेगी सजा
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि दोषी द्वारा जुर्माने की राशि जमा नहीं की जाती है, तो उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।






