कोलकाता- पश्चिम बंगाल के संदेशखाली हिंसा के मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता शेख प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों की टीम पर हमले के बाद से फरार था। पुलिस ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश पर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी को बशीरहाट की अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे दस दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस ने बताया कि शाहजहां शेख उत्तर 24 परगना जिले के मिनाखा में एक घर में छिपा हुआ था, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया और 14 दिन की हिरासत की मांग की। लेकिन अदालत ने दस दिन की पुलिस हिरासत की अनुमति दी। जिले के संदेशखाली की महिलाओं ने शाहजहां शेख और उनके समर्थकों पर यौन शोषण व जमीन के पट्टों को कब्जाने का आरोप लगाया है। राज्य महाधिवक्ता की अर्जी पर उच्च न्यायालय ने बीते सोमवार को शाहजहां शेख की गिरफ्तारी का आदेश दिया था।

प्रयागराज में शंकराचार्य शिविर के बाहर तनाव, नारेबाजी के बाद सुरक्षा बढ़ी
प्रयागराज। माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच पिछले सात दिनों से चला आ रहा विवाद शनिवार रात और गहरा गया। देर रात एक संगठन से जुड़े 10 से 15 युवक भगवा झंडे लेकर शंकराचार्य के शिविर के बाहर पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब कुछ लोगों ने शिविर के भीतर प्रवेश करने की कोशिश की। सूत्रों के अनुसार, युवकों ने “सीएम योगी जिंदाबाद” और “आई लव बुलडोजर” जैसे नारे लगाए। इस दौरान शंकराचार्य के शिष्यों और वहां मौजूद सेवकों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। करीब 15 मिनट तक शिविर के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इसे





