पुरकाजी में बिजली संकट पर आक्रोश, बिजली घर का घेराव

मुजफ्फरनगर। जनपद के शहर और गांव देहात में निवास करने वाले लोग इन दिनों बिजली संकट के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं। इसी बीच पुरकाजी में बिजली की अघोषित कटौती और रात दिन आपूर्ति बदहाल हो जाने के कारण लोगों में आक्रोश है। भारतीय किसान यूनियन के नेता और पुरकाजी चेयरमैन जहीर फारूकी के नेतृत्व में गुरूवार को बिजलीघर का घेराव करते हुए बेमियादी धरना शुरू कर दिया गया। लोगों ने बिजली आपूर्ति को सुधारने और अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की है।

बिजली की इस अघोषित कटौती और बदहाल व्यवस्था के खिलाफ आज भारतीय किसान यूनियन ने पुरकाजी बिजली घर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरना सुबह 11 बजे शुरू हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में भाकियू कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। धरने का नेतृत्व भाकियू के प्रदेश महासचिव और नगर पंचायत पुरकाजी के चेयरमैन जहीर फारूकी ने किया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ बिजली के लिए नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ बनकर खड़ा हुआ है। जब तक विभाग सुनवाई नहीं करता और स्थाई समाधान नहीं निकलता, धरना जारी रहेगा।

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कहा कि लगातार कस्बे में बिजली व्यवस्था ठप हो रही है। कल रात फिर वही हुआ जिसका डर था, पूरी रात लाइट गायब रही और जनता तड़पती रही। यह कोई एक दिन की बात नहीं, बल्कि अब तो रोज का ही आलम बन गया है। बिजली विभाग की अनदेखी और लापरवाही ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है। गलियों में लटके बिजली के तार इतने नीचे आ चुके हैं कि राह चलते लोगों के सिर को टच करते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। विभाग का दावा है कि पुरकाजी क्षेत्र में 26 किलोमीटर एबीसी केबल डालकर जर्जर तारों को बदला गया है, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली विभाग में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। शिकायतों को सुनने वाला कोई नहीं है, और अब तो ऐसा लगता है जैसे जनता की आवाज़ को अनसुना करना विभाग की आदत बन चुकी है। धरने के दौरान लोगों ने अपनी समस्याओं को उठाते हुए विभागीय स्तर पर कई मांगों को रखा, जिनमें कहा गया है कि अघोषित बिजली कटौती को तुरंत रोका जाए, सभी जर्जर और झूलते तारों को शीघ्र बदला जाए, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए। जहीर फारूकी ने कहा कि बिजली विभाग की धींगामुश्ती के कारण जनता में और भी आक्रोश बढ़ता जा रहा है। यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो यह आंदोलन एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है।

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एसडीओ-जेई बिजली घर से गायब, ऑफिस पर ताला

भाकियू प्रदेश महासचिव चेयरमैन जहीर फारूकी ने जब लोगों के साथ बिजलीघर पहुंचकर धरना शुरू किया तो वहां पर एसडीओ, जेई और लिपिक तक भी गायब मिले। कार्यालयों पर ताला लटका नजर आया। जहीर फारूकी ने कहा कि आम जनता अपने बिल ठीक कराने को महीनों चक्कर काटती है। ट्रांसफार्मर पर से सैकड़ों कनेक्शन दे रखे हैं और ट्रांसफार्मर हल्की क्षमता के रख रखे हैं और इस कमी का ठीकरा जनता के सर फोड़ा जाता है। सरकार के आदेश हैं कि जेई अपनी ड्यूटी स्थल पर ही रात विश्राम करेगा, लेकिन कभी भी जेई पुरकाजी नहीं रुकता है। धरने के दौरान एसडीओ और जेई सहित विद्युत विभाग के क्लर्क तक कार्यालय से गायब रहे, दफ्तर पर ताला लगा लटका रहा। 

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