MUZAFFARNAGAR-दाखिल-खारिज लटकने पर चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप गंभीर

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् में करीब ढाई साल से संपत्ति नामांतरण ;दाखिल खारिजद्ध की पत्रावलियों का निस्तारण पालिका अफसरों के आपसी विवाद के कारण लटकने के मामले में मंगलवार को आपसी समन्वय बनाकर मामले को निस्तारित कराने के लिए पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने पहल करते हुए नई व्यवस्था बनाने की ओर कदम बढ़ाया है। इसके साथ ही उन्होंने कर अधीक्षक को तलब करते हुए मामले में तेजी से कार्य करने और तैयार पत्रावलियों को शीर्घ निस्तारण करने के लिए अधीशासी अधिकारी को संवेदनशील होकर कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े प्रकरणों को लेकर हम सभी को सकारात्मक और संवेदनशील सोच के साथ सुलभ और सरल व्यवस्था को अपनाकर कार्य करना होगा। इस दौरान उन्होंने जनता के हितों को लेकर अफसरों और पालिका कर्मियों को जवाबदेह बनाने की बात भी की। इसके साथ ही उन्होंने पालिका में अनावश्यक रूप से लंबित चल रहे प्रकरणों के निस्तारण को लेकर संबंधित अफसरों को भी दिशा निर्देश और सभी का सहयोग मांगा। चेयरपर्सन ने आचार संहिता के बाद बोर्ड बैठक के लिए एजेंडा तैयार कराने के भी निर्देश दिए है। साथ ही पेयजलापूर्ति सुचारू रखने पर बल दिया।

नगरपालिका परिषद् में वर्ष 2022 के बाद से ही संपत्ति नामांतरण के प्रकरणों को लेकर गाहे-बगाहे विवाद सामने आता रहा है। जब चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के नेतृत्व में करीब एक वर्ष पूर्व नये बोर्ड ने कार्यभार संभाला तो पालिका में संपत्ति नामांतरण के करीब 600 प्रकरण लंबित चल रहे थे। उनके संज्ञान में मामला आया तो इनका निस्तारण कराने के निर्देश दिये गये। इसमें करीब 100 पत्रावलियों का निस्तारण भी कराया गया, लेकिन इसी बीच तत्कालीन ईओ हेमराज सिंह ने संपत्ति नामांतरण की पत्रावलियों पर हस्ताक्षर करने से इंकार करते हुस पत्रावलियां कर अधीक्षक को लौटा दी थी इसके साथ ही यह मामला लटक गया। बाद में चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के हस्तक्षेप के बाद ईओ ने हस्ताक्षर शुरू भी किये तो शासन ने उनका तबादला कर दिया था।

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17 फरवरी को डॉ. प्रज्ञा सिंह ने ईओ के पद पर कार्यभार ग्रहण किया, इसके बाद उम्मीद जगी थी कि संपत्ति नामांतरण के मामले अब तेजी से निस्तारित होंगे, लेकिन मामला जस का तस ही बना हुआ है। वर्तमान में करीब 400 पत्रावलियां लंबित चल रही हैं। पिछले दिनों इन पत्रावलियों को निस्तारण के लिए ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह के पास भेजा गया था, लेकिन कुछ पत्रावलियों में लगाई गई रिपोर्ट में त्रुटि सामने आने पर ईओ ने सभी पत्रावलियों को वापस कर अधीक्षक नरेश शिवालियों को वापस करते हुए आदेशित किया था कि वो राजस्व निरीक्षकों की रिपोर्ट का पुनः परीक्षण करते हुए अपनी संस्तुति के साथ पत्रावलियों को उनके पास भेजेंगे। ऐसे में एक बार फिर से संपत्ति नामांतरण को लेकर बखेड़ा खड़ा होने और लोगों की परेशानी की शिकायत को लेकर मंगलवार को चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने स्वयं ही इसका संज्ञान लेकर कर अधीक्षक नरेश शिवालिया को तलब किया और सारी जानकारी ली।

टाउनहाल पहुंची चेयरपर्सन मीनाक्षी ने अपने कार्यालय में पालिका में पिछले दिनों से लंबित चल रहे कुछ प्रमुख प्रकरणों को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ मीटिंग की। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह भी इसमें मौजूद रहीं। सबसे पहले संपत्ति नामांतरण का मामला ही उठाया गया। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने स्पष्ट कर दिया कि वो ये जिम्मेदारी नहीं उठा सकती हैं, क्योंकि रिपोर्ट में अनेक खामियां सामने आती रही हैं। उन्होंने इसके लिए अधिकार हस्तांतरण का सुझाव दिया। मीटिंग में तय हुआ कि आगामी दिनों में संपत्ति नामांतरण के लिए कमेटी बनाने के साथ ही इसका अधिकार कर अधीक्षक को देने और इस व्यवस्था को ऑनलाइन किये जाने पर भी विचार किया गया। चेयरपर्सन ने ईओ को आदेश दिया कि अभी फिलहाल वो पत्रावलियों को निस्तारण करने का काम करें। कर अधीक्षक नरेश शिवालियां ने बताया कि ईओ के आदेशानुसार संपत्ति नामांतरण के करीब 100 पत्रावलियों की रिपोर्ट का पुनः परीक्षण करते हुए संस्तुति ईओ को भेज दिया गया है। शेष पत्रावलियों पर राजस्व निरीक्षकों की रिपोर्ट का परीक्षण वो स्वयं कर रहे हैं। चेयरपर्सन ने तैयार सौ पत्रावलियों का निस्तारण कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए शपथ पत्र वाले आवेदनों के निस्तारण के लिए भी सिटी मजिस्ट्रेट के आदेशानुसार रिपोर्ट भेजकर निस्तारण कराने के निर्देश दिये। ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि स्वीकृत आवेदनों पर जांचोपरांत वो काउंटर साइन कर रिपोर्ट भेज रही हैं। यहां भी हस्ताक्षर के फेर में करीब 350 पत्रावलियों का निस्तारण लटका हुआ है।

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इसके साथ ही उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अतुल कुमार को शहरी सफाई व्यवस्था के लिए सजग और संवेदनशील होकर कार्य करने के लिए निर्देशित करने के साथ ही चेयरपर्सन ने उनसे वार्डों में कार्यरत सफाई कर्मियों की सूची भी तलब की है। इसके साथ ही उन्होंने ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह को निर्देश दिये कि वो सूची मिलने के बाद आवश्यकतानुसार वार्डों में एक नीति बनाकर सफाई कर्मचारियों की नये सिरे से तैनाती करने का काम करें ताकि सफाई व्यवस्था के लिए बेहतर परिणाम देने में हम सफल हो पाये। जलकल विभाग के सहायक अभियंता सुनील कुमार को उन्होंने शहरी क्षेत्र में निर्बाध पेयजलापूर्ति के लिए काम करने और समस्याओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिये। साथ ही कूड़ा वाहनों में जीपीएस ट्रैकर खराब होने के प्रकरण में शीघ्र ही कंपनी को बुलाकर उपकरण सही कराये जाने और सफाई के लिए झाड़ू मशीन का वार्डवार संचालन कराने के निर्देश दिये गये। इस दौरान सभासद राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, देवेश कौशिक, मौहम्मद खालिद के साथ ही ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह, एई जलकल सुनील कुमार, कर अधीक्षक नरेश शिवालिया, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. अतुल कुमार आदि मौजूद रहे। 

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