अंबेडकर स्मारक के पास शराब मॉडल शॉप को लेकर दलित-मुस्लिम में आक्रोश

मुजफ्फरनगर। मुख्यालय के कचहरी गेट पर बाबा भीमराव अंबेडकर स्मारक के निकट निर्माणाधीन शराब की मॉडल शॉप को लेकर दलित मुस्लिम एकता मंच और डॉ. भीमराव अंबेडकर बौ( ट्रस्ट ने कड़ा विरोध जताया है। दोनों संगठनों ने इसे संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर का अपमान करार देते हुए अलग-अलग प्रदर्शन किए और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर यह दुकान बंद कराये जाने के लिए त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि इसे लागू किया गया तो दलित और मुस्लिम समाज के लोग आंदोलन करने के लिए सड़कों पर उतर जायेगा।

सोमवार को दलित-मुस्लिम एकता मंच के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर शराब की दुकान के निर्माण के खिलाफ नारेबाजी की और कलेक्ट्रेट जाकर एसडीएम संजय सिंह को तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर बौ( ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने एसडीएम अपूर्वा यादव को डीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। दलित मुस्लिम एकता मंच के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि 14 अपै्रल को अंबेडकर जयंती आ रही है। ऐसे में शहर से छोटी शोभायात्रा टाउनहाल में एकत्र होकर बड़ी यात्रा निकाली जाती है, यह यात्रा कचहरी गेट अंबेडकर स्मारक पर आकर सम्पन्न होती है। यदि तब तक मॉडल शॉप को बंद नहीं कराया गया तो उसी दौरान वहां पर सर्व समाज के लोग बेमियादी धरने पर बैठ जायेंगे।

इसे भी पढ़ें:  बारिश के बाद साढ़े तीन घंटे जनता के बीच रही मीनाक्षी स्वरूप

दूसरी ओर अंबेडकर जन्मोत्सव समिति के अध्यक्ष पूर्व सभासद राजकुमार सि(ार्थ के नेतृत्व में सर्व समाज के लोगों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन कर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें आबकारी विभाग द्वारा आवंटित इस शराब की दुकान को सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के विरु( बताया गया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के अनुसार किसी भी शैक्षिक संस्थान, धार्मिक स्थल या महान पुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास शराब की दुकान नहीं खोली जा सकती। उन्होंने इस प्रस्ताव को संविधान निर्माता बाबा साहब के प्रति अपमानजनक बताते हुए इसे तुरंत निरस्त करने की मांग की। भाजपा नेता एवं पूर्व सभासद राजकुमार सि(ार्थ ने कहा कि बाबा भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के पास मॉडल शॉप खोले जाने से समाज में गलत संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि वहां पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं है, जिससे शराब पीने वाले लोग अंबेडकर जी की मूर्ति के पास ही बैठकर शराब पीएंगे, जिससे अनहोनी की आशंका बनी रहेगी। सि(ार्थ ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने उनकी मांग नहीं मानी तो वे बड़े आंदोलन की राह अपनाएंगे। बसपा नेता उपकार बावरा ने भी इस प्रस्ताव की कड़ी निंदा की और इसे सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि जिन्होंने इस देश का संविधान रचा, उनकी प्रतिमा के सामने शराब की दुकान खोलना अस्वीकार्य है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे सामाजिक व्यवस्था बिगड़ सकती है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने प्रशासन से मांग की कि प्रस्तावित शराब की दुकान का आवंटन तुरंत निरस्त किया जाए, अन्यथा वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। प्रदर्शन के दौरान डॉ. सुरेन्द्र कुमार, डॉ. रईस, दीपचंद, रामनिवास, अमित गौतम, सरताज राना, धर्मेन्द्र, अशोक कटारिया, वीरेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे। 

इसे भी पढ़ें:  डीएवी इंटर कॉलेज में एनसीईआरटी पुस्तकों की बिक्री को लेकर हंगामा
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *