750 बीघा सरकारी जमीन के खेल में एसडीएम जानसठ जयेन्द्र सिंह सस्पेंड

डेरावाल कॉर्पोरेटिव फार्मिंग सोसायटी की जमीन को रातों-रात कर दिया था नाम, डीएम ने बैठाई थी जांच

मुजफ्फरनगर। जानसठ तहसील में 750 बीघा सरकारी जमीन के घोटाले में बड़ा एक्शन लेते हुए एसडीएम जयेंद्र सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। भाजपा के पूर्व विधायक विक्रम सैनी ने भी उनके खिलाफ शिकायत कर भ्रष्टाचार के आरोप लगाये थे। डेरावाल कॉर्पोरेटिव फार्मिंग सोसायटी की जमीन को कथित रूप से रातों-रात निजी नामों में दर्ज किए जाने के मामले में जिलाधिकारी ने जांच बैठाई थी। जांच में प्रथम दृष्टया गड़बड़ी पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है। प्रशासन की इस सख्ती से राजस्व विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर जनपद की जानसठ तहसील से एक बड़ा भूमि घोटाला सामने आया है, जिसमें वर्तमान एसडीएम जयेंद्र सिंह पर अरबों की सरकारी जमीन किसान के नाम करने का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला गांव इसहाकवाला में स्थित सरकारी जमीन से जुड़ा है, जहां 1962 में ‘ डेरावाल कॉर्पोरेटिव फार्मिंग सोसायटी ‘ की स्थापना की गई थी। सोसायटी के पास कुल 743 हेक्टेयर (करीब 900 बीघा) जमीन थी।

इसे भी पढ़ें:  एक्सईएन विद्युत टाउनहाल परिसर में गर्मियों में मिलेगा शीतल जल

तहसील प्रशासन हाई कोर्ट तक ले गया था मामला

इस जमीन को लेकर लंबे समय से सोसायटी के सदस्य जीवन दास के बेटे गुलशन और हरबंस (जो 1972 में अलग हो गए थे) के पोते के बीच विवाद चला आ रहा था। वर्ष 2018 में तहसील प्रशासन ने स्वयं हाई कोर्ट को सूचित किया था कि हरबंस का इस जमीन से कोई संबंध नहीं है। बावजूद इसके मार्च 2024 में एसडीएम पद पर तैनात हुए जयेंद्र सिंह ने मामले की सुनवाई फिर से शुरू की।

इसे भी पढ़ें:  75 साल के बुजुर्ग ने तीन बच्चों की मां से रचाई शादी...सगरू राम की सुहागरात बनी आखिरी रात

रातों-रात बदला आदेश, किसान के नाम जमीन

19 जुलाई 2025 को एसडीएम ने अचानक आदेश जारी कर 600 बीघा सोसायटी की और 150 बीघा सरकारी जमीन हरबंस के नाम से किसान के नाम कर दी। जैसे ही इसकी जानकारी सोसायटी के सदस्य गुलशन को हुई, उन्होंने अपने बेटे ईशान के साथ 29 जुलाई को डीएम उमेश मिश्रा से मिलकर शिकायत की। शिकायत मिलते ही डीएम ने तत्परता दिखाते हुए एडीएम के नेत्त्व में तीन सदस्यीय जांच टीम बना दी थी। इसके बाद एसडीएम जयेंद्र सिंह ने रातों-रात अपने ही दिए आदेश को निरस्त कर दिया। जांच टीम ने मामले की तह तक जाकर तथ्यों की पुष्टि करते हुए डीएम को रिपोर्ट सौंप दी थी। इसके बाद शिकायतकर्ता भी डीएम से मिले और कार्यवाही की मांग की थी। बताया गया है कि यह जमीन हाईवे के बिल्कुल सामने स्थित है, जिस पर पहले ही सोसायटी और किसान ने मुआवजे की मांग को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया था। कोर्ट ने उस जमीन को सरकारी मानते हुए मुआवजा देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद भी एसडीएम जयेंन्द्र सिंह द्वारा वही जमीन कागजों में निजी नाम पर दर्ज कर दी गई थी। प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि इसमें दोष साबित होने पर शासन ने जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर एसडीएम जयेन्द्र सिंह को सस्पेंड कर दिया है।

इसे भी पढ़ें:  राकेश टिकैत ने पीएम मोदी से मांगा जनसंख्या नियंत्रण कानून

Also Read This

सेठ जुम्मा लाल रूठिया द्वारा दिया गया 35000 रुपये कर्ज

अंग्रेजों ने लिया 35000 का कर्ज, 109 साल बाद पोते ने खोला हिसाब!

1917 ब्रिटिश सरकार कर्ज मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। मध्य प्रदेश के सीहोर से सामने आए इस ऐतिहासिक विवाद में दावा किया गया है कि प्रथम विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजी हुकूमत ने 35000 रुपये का कर्ज लिया था। अब 109 साल बाद उसी रकम को लेकर कानूनी पहल शुरू हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीहोर के प्रतिष्ठित व्यापारी सेठ जुम्मा लाल रूठिया ने वर्ष 1917 में ब्रिटिश प्रशासन की आर्थिक मदद की थी। उस समय युद्ध के कारण प्रशासन को धन की आवश्यकता थी। बदले में लिखित दस्तावेज दिए गए, जिनमें कर्ज लौटाने का वादा दर्ज था। इसे भी पढ़ें:  गन्ना डालकर लौटते किसानों पर

Read More »

नोएडा स्कूल मान्यता रद्द, 1500 छात्रों पर असर

नोएडा स्कूल मान्यता रद्द होने से सेक्टर 56 स्थित उत्तराखंड पब्लिक स्कूल में पढ़ रहे करीब 1500 छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने गंभीर शिकायतों की जांच के बाद स्कूल की मान्यता समाप्त करने का निर्णय लिया है। बोर्ड के अनुसार कार्रवाई विस्तृत जांच के बाद की गई है। स्कूल के शिक्षकों और कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। मानसिक उत्पीड़न वेतन में कटौती गलत व्यवहार इसे भी पढ़ें:  बारिश से जनजीवन प्रभावित, स्कूलों में छुट्टी, कचहरी में सन्नाटाइन शिकायतों की जांच के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक और सिटी मजिस्ट्रेट की संयुक्त कमेटी बनाई गई थी। जांच रिपोर्ट में आरोप

Read More »

मुजफ्फरनगर जाम समस्या: बस रूट में बदलाव

मुजफ्फरनगर जाम समस्या से आम नागरिकों को राहत दिलाने के लिए जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। शहर के सम्भ्रान्त नागरिकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर यातायात व्यवस्था में तत्काल प्रभाव से बदलाव का निर्णय लिया गया। बैठक में पुलिस अधीक्षक यातायात अतुल कुमार चौबे, नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़, क्षेत्राधिकारी यातायात रविंद्र प्रताप सिंह, नगरपालिका अधिशासी अधिकारी  प्रज्ञा सिंह, सहायक रोडवेज प्रबन्धक प्रभात कुमार सिन्हा तथा प्रभारी उपनिरीक्षक यातायात उपस्थित रहे। इसे भी पढ़ें:  सपा नेत्री के बेटे की दबंगई-डॉक्टर को दी जान से मारने की धमकी, वीडियो वायरलमुजफ्फरनगर जाम समस्या: बस रूट में क्या हुआ बदलाव? बैठक में जनहित को ध्यान में

Read More »

NCERT की किताब में न्यायपालिका पर सामग्री से सीजेआई नाराज

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी की कक्षा आठवीं की किताब में न्यायपालिका पर जोड़ी गई सामग्री पर कड़ा रुख अपनाया है। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि संस्था को बदनाम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वरिष्ठ वकीलों ने इस मुद्दे को उठाया था। अदालत ने संकेत दिया है कि स्वतः संज्ञान लेकर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने एनसीईआरटी की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की किताब में न्यायपालिका से जुड़ी सामग्री पर गंभीर आपत्ति जताई है। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि वह किसी को भी न्यायपालिका की संस्था को बदनाम करने की इजाजत नहीं देंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून अपना काम करेगा और

Read More »

हल्द्वानी बेदखली मामला: 50 हजार लोगों पर फैसला

हल्द्वानी बेदखली मामला में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा निर्देश देते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अतिक्रमणकारी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हैं या नहीं। कोर्ट ने उत्तराखंड विधिक सेवा प्राधिकरण को शिविर लगाने का आदेश दिया है, ताकि प्रभावित परिवार पुनर्वास के लिए आवेदन कर सकें। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया 31 मार्च से पहले पूरी की जाए और पात्रता की रिपोर्ट अदालत में पेश की जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रेलवे परियोजना के लिए आवश्यक सरकारी जमीन पर रह रहे परिवारों को योजना के तहत आवेदन का अवसर दिया जाए। शिविर 15 मार्च के बाद लगाया जाएगा, क्योंकि याचिकाकर्ताओं ने रमजान

Read More »

उत्तराखंड मौसम अपडेट: होली से पहले गर्मी ने दी दस्तक

उत्तराखंड मौसम अपडेट के अनुसार प्रदेश में 25 फरवरी को मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बारिश या बर्फबारी का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है। बीते कुछ दिनों से प्रदेश में मौसम का मिजाज पल-पल बदल रहा था। कभी तेज धूप तो कभी अचानक बर्फीली हवाएं लोगों को हैरान कर रही थीं। हालांकि अब मौसम स्थिर होने के संकेत मिल रहे हैं। इसे भी पढ़ें:  75 साल के बुजुर्ग ने तीन बच्चों की मां से रचाई शादी…सगरू राम की सुहागरात बनी आखिरी रातमौसम विभाग द्वारा जारी

Read More »