राकेश टिकैत ने पीएम मोदी से मांगा जनसंख्या नियंत्रण कानून

किसान नेता ने कहा-50 साल तक एक परिवार-एक बच्चा का नियम लागू हो, एसआईआर अभियान को बताया दस्तावेज सुधारने का बड़ा अवसर

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंगलवार को सरकूलर रोड स्थित अपने आवास पर प्रेस वार्ता के दौरान देश की राजनीति, किसान मुद्दों और जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कई बड़े बयान दिए। जहां एक ओर उन्होंने बीज अधिनियम 2025 को किसान विरोधी कानून बताते हुए उसका पुरजोर विरोध किया, वहीं दूसरी ओर देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की जोरदार वकालत की। टिकैत ने मतदाता सूचियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) का भी समर्थन किया और इसे अपनी गलतियों को दुरुस्त करने का बड़ा अवसर बताया।
भारतीय किसान यूनियन फिर एक बार बीज अधिनियम 2025 को लेकर आक्रामक तेवर में दिखाई दी। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित इस अधिनियम को पूरी तरह किसान विरोधी करार देते हुए कहा कि किसानों के हितों के खिलाफ किसी भी कानून का डटकर विरोध किया जाएगा। टिकैत ने आरोप लगाया कि इस बिल का मसौदा पहले कांग्रेस सरकार लाई थी और तब भी संगठन ने इसका विरोध किया था और अब भी भाजपा सरकार में इसको लेकर आंदोलन की तैयारी है। उन्होंने कहा कि तीन कृषि कानूनों की तरह सीड बिल और बिजली संशोधन बिल भी किसानों के हित में नहीं हैं। 22 जनवरी 2021 के बाद से केंद्र सरकार की किसान संगठनों से कोई बात नहीं हुई। यह गंभीर स्थिति है।

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प्रेस वार्ता के दौरान किसान नेता राकेश टिकैत ने देश में तेजी से बढ़ती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून को सख्ती से लागू करने की मांग दोहराई। उन्होंने पीएम नरेन्द्र मोदी से इसके लिए त्वरित निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि देश में कम से कम 50 वर्षों तक एक परिवारदृएक बच्चा का नियम लागू किया जाए। अगर देश को विकास और तरक्की की राह पर ले जाना है, तो सबसे पहले जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करना होगा। सरकार को इस विषय पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है।

मतदाता सूचियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) का समर्थन करते हुए टिकैत ने इसे आवश्यक और उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि यह अभियान लोगों के दस्तावेजों में मौजूद गलतियों को ठीक कराने का अवसर है। उन्होंने कहा, इसमें किसी को दिक्कत क्यों होनी चाहिए? जिनके दस्तावेज गलत हैं, उन्हें ठीक कराना चाहिए। यह सिर्फ अपनी और अपने परिवार की जानकारी दुरुस्त करने की प्रक्रिया है। टिकैत ने निर्वाचन आयोग से समय बढ़ाने की मांग भी की ताकि अधिक से अधिक लोग इस प्रक्रिया में शामिल होकर अपने वोट के अधिकार को सुरक्षित रख सकें। राकेश टिकैत के इन बयानों ने एक बार फिर किसानों के मुद्दों, जनसंख्या नियंत्रण और राजनीतिक बहस को नया आयाम दे दिया है। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से भाकियू के राष्ट्रीय महासचिव ओमपाल सिंह मलिक, प्रदेश महासचिव धीरज लाटियान, जिलाध्यक्ष नवीन राठी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद निर्माण का लाभ भाजपा को मिलेगा
पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद निर्माण को लेकर पूछे गए प्रश्न पर भाकियू नेता राकेश टिकैत ने कहा कि इस मुद्दे से भाजपा को ही राजनीतिक फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबरी के नाम से बन रही मस्जिद के निर्माण में 70 प्रतिशत योगदान भाजपा का है। इसके पीछे भाजपा की ही मौन स्वीकृति और साजिश है। सरकार की शह के बिना वहां एक ईंट भी नहीं लग सकती। यह मुद्दा भाजपा के लिए राजनीतिक संजीवनी का काम करेगा। ये लोग पहले एक हजार ईंट लगवायेंगे और फिर एक ईंट तुड़वाकर उसके सहारे वोट हासिल करेंगे। राकेश टिकैत ने कहा कि कांग्रेस सांसद इमरान मसूद यदि वास्तव में विरोध कर रहे हैं, तो उन्हें निर्माण रुकवाने के लिए पहल करनी चाहिए। 

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राकेश टिकैत बोले-हमारी भी दो-दो वोट थी, अब एक-एक कट गई

मुजफ्फरनगर। राकेश टिकैत हमारे परिवार की भी दो स्थानों पर वोट थी, सिसौली में भी वोट थी और यहां मुजफ्फरनगर में भी वोट बनी थी, एसआईआर आने से हमने एक ही जगह कर ली। दो जगह वोट हेराफेरी का ही तो मामला है। जिसकी दो जगह वोट है उसे एक ही वोट करनी चाहिए। जिसको जहां वोट डालनी है। दो जगह वोट हेराफेरी करने वाला ही रखता है। वोट बनाने वाले भाजपा के ही आदमी हैं। भाजपा ने ही दो दो स्थानों पर वोट बनवाई थी। विदेश में रहने वाले लोगों की वोट भारत में बन सकती है, ऐसे में रामपुर की महिला पर एफआईआर करना गलत काम है। उसके बेटों को विदेश में नागरिकता नहीं मिली, वो काम करने गए हुए हैं।

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