लिएंडर पेस भाजपा में शामिल होने के साथ ही पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया मोड़ आ गया है। बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले उनका पार्टी में आना बेहद अहम माना जा रहा है, और कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। मंगलवार को लिएंडर पेस ने केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके शामिल होने को लेकर पहले से ही अटकलें चल रही थीं। सूत्रों के अनुसार, लिएंडर पेस को स्टार प्रचारक बनाकर भाजपा मैदान में उतार सकती है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उनकी एंट्री को रणनीतिक कदम माना जा रहा है। हाल ही में उन्होंने कोलकाता में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की थी, जिसके बाद उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई थी। लिएंडर पेस इससे पहले वर्ष 2021 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्होंने 2022 के गोवा विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार भी किया था, हालांकि उन्होंने खुद चुनाव नहीं लड़ा। राजनीति में उनका यह पहला कदम नहीं है, लेकिन भाजपा में शामिल होकर उन्होंने नई पारी शुरू की है।
लिएंडर पेस टेनिस के दिग्गज खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। उन्होंने 1996 के अटलांटा ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था और कई ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम किए हैं। महेश भूपति और मार्टिना नवरातिलोवा के साथ उनकी जोड़ी को दुनिया भर में सराहा गया है। भाजपा में शामिल होने के बाद लिएंडर पेस ने कहा, “मेरा जन्म बंगाल में हुआ है और मेरी मां बंगाली हैं। उस समय खेलों के लिए सुविधाएं नहीं थीं। बंगाल में बच्चों और युवाओं को सशक्त करने की जरूरत है।” इसी दिन भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 13 उम्मीदवारों की चौथी सूची जारी की।
पार्टी ने संतोष पाठक को चौरंगी और सोमा ठाकुर को बागदा सीट से उम्मीदवार बनाया है। अब तक भाजपा 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 288 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है, जबकि केवल छह सीटों पर फैसला बाकी है। लिएंडर पेस भाजपा में शामिल होने से बंगाल चुनाव में नया राजनीतिक समीकरण बनता दिख रहा है। अब देखना होगा कि पार्टी उन्हें किस भूमिका में उतारती है और उनका प्रभाव चुनावी नतीजों पर कितना पड़ता है।






