मुजफ्फरनगर की कई औद्योगिक इकाईयों पर हुई जीएसटी की रेड, रिकॉर्ड खंगालने में उजागर हुईं गंभीर अनियमितताएं
मुजफ्फरनगर। सीएम योगी के आगमन की तैयारियों से उत्पन्न जश्न में डूबे जनपद मुजफ्फरनगर में कर चोरी के खिलाफ जीएसटी विभाग की सख्त कार्रवाई ने औद्योगिक क्षेत्र में हलचल मचा दी है। जिले की प्रमुख खाद उत्पादन इकाई पर लंबी छापेमारी के बाद बड़ी वित्तीय गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं, जिससे प्रशासनिक सख्ती और बढ़ने के आसार हैं।
मुजफ्फरनगर जनपद में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग ने कर चोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जानसठ रोड स्थित श्रीराम पोटाश फैक्ट्री पर व्यापक छापेमारी की। यह कार्रवाई शुक्रवार को शुरू हुई और करीब 15 घंटे तक लगातार चलती रही, जिसमें विभाग की टीम ने फैक्ट्री परिसर में मौजूद हर महत्वपूर्ण दस्तावेज और लेन-देन का बारीकी से परीक्षण किया। सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान फैक्ट्री के वित्तीय रिकॉर्ड में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर ही 1 करोड़ 68 लाख रुपये जमा कराए। इतनी बड़ी राशि का तत्काल जमा होना जांच में गड़बड़ियों की गंभीरता को दर्शाता है।
जांच के दौरान अधिकारियों ने फैक्ट्री के स्टॉक, खरीद-बिक्री के दस्तावेज, ई-वे बिल और जीएसटी रिटर्न का आपस में मिलान किया। इस प्रक्रिया में कई विसंगतियां उजागर होने की बात सामने आई है। टीम ने फैक्ट्री प्रबंधन से विस्तृत पूछताछ भी की और महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं, जिनकी आगे जांच की जाएगी। यह फैक्ट्री जिले की सबसे बड़ी खाद उत्पादन इकाइयों में गिनी जाती है और पूर्व में भी इसका नाम राजनीतिक चर्चाओं में सामने आ चुका है। बताया जाता है कि इस इकाई का संबंध एक बड़े राजनीतिक नेता से जोड़ा जाता रहा है, जबकि दो प्रमुख नेताओं के बीच विवाद में भी इसका उल्लेख हो चुका है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि फैक्ट्री प्रबंधन को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त रहा है।
जीएसटी एसआईबी के ज्वाइंट कमिश्नर सिद्धेश चंद दीक्षित ने नयन जागृति को बताया कि शुक्रवार को विभिन्न टीमों का गठन करते हुए जीएसटी चोरी की संभावित स्थिति को जांचने के लिए खाद फैक्ट्री श्रीराम पोटाश जानसठ रोड के साथ ही कई औद्योगिक इकाईयों और व्यापारिक फर्मों पर छापामार कार्रवाई की गई है। इसमें श्रीराम पोटाश में मिली टैक्स चोरी के आधार पर टीम ने कुछ रकम मौके पर ही जमा कराई है, शनिवार को भी यह कार्रवाई जारी है और सोमवार को इस पूरी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट विभागीय स्तर पर उपलब्ध होगी। फिलहाल इस कार्रवाई के बाद औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है और अन्य कारोबारियों में भी विभागीय जांच को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।





