कानपुर । मैनेजर महेंद्र सिंह के मुताबिक करीब 10 करोड़ का नुकसान हुआ है। जो माल पड़ा था सब जलकर राख हो गया है। सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि शार्ट सर्किट से आग लगने का अनुमान है। फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया है। किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। कानपुर में पनकी थाना क्षेत्र के पड़ाव स्थित एलएंडटी को माल सप्लाई करने वाली कंपनी एलएंडटी के वेयर हाउस में शुक्रवार रात करीब नौ बजे आग लग गई। आग से करीब 10 करोड़ रुपये कीमत का माल जलकर राख हो गया। सूचना पर पहुंचीं दमकल की आठ गाड़ियों ने आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद भी आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। पनकी पड़ाव में रोहित बाजपेई के मकान के पीछे गोदाम है, जिसे एलएंडटी ने किराये पर लेकर अपना वेयर हाउस बनाया है। शुक्रवार रात वेयर हाउस में अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठती देख लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पनकी किदवईनगर और फजलगंज से फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। यार्ड में केमिकल होने के चलते आग ने विकराल रूप ले लिया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बाद भी करीब पांच घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। एलएंडटी के मैनेजर महेंद्र सिंह के मुताबिक करीब 10 करोड़ का नुकसान हुआ है। जो माल पड़ा था सब जलकर राख हो गया है। सीएफओ दीपक शर्मा ने बताया कि शार्ट सर्किट से आग लगने का अनुमान है। फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया है। किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है। वेयर हाउस के बगल में हास्टल है। रोहित के अनुसार वेयर हाउस में लगी आग की लपटें हास्टल तक पहुंच गईं। छत पर पानी की टंकी और तख्त समेत अन्य सामान जल गए। हास्टल में कोचिंग करने वाले लड़के रहते हैं। वेयर हाउस में लगी आग रात 12-30 तक जलती रही। आग की लपटों ने हास्टल समेत पड़ोस के 10 घरों को चपेट में ले लिया। आग की लपटें देखकर सभी लोग घर से बाहर निकल आए। करीब दो घंटे बाद आग कम होने पर लोग घरों में गए।

समुद्र में नाव डूबी, 250 लापता…नौका में लगभग 280 लोग सवार थे
अंडमान- सागर में रोहिंग्या शरणार्थियों और बांग्लादेशी नागरिकों को ले जा रही एक नौका के पलटने से लगभग 250 लोगों के लापता होने की आशंका है। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने इस दुखद घटना की पुष्टि की है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) ने एक बयान में कहा कि यह नौका दक्षिणी बांग्लादेश के टेक्नाफ से मलेशिया के लिए रवाना हुई थी। भारी हवाओं, उबड़-खाबड़ समुद्र और अत्यधिक भीड़भाड़ के कारण यह नौका डूब गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नौका में लगभग 280 लोग सवार थे और इसने चार अप्रैल को बांग्लादेश छोड़ा था। हादसे में लापता लोगों में कई बच्चे भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बोट पर





