गंभीर जन शिकायतों का संज्ञान लेकर पालिकाध्यक्ष की कड़ी कार्रवाई, कई आवेदन गुम होने और लापरवाही के आरोप
मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जाने की प्रक्रिया में लगातार मिल रही जन शिकायतों और गंभीर अनियमितताओं पर आखिरकार सख्त रुख अपनाते हुए पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कार्रवाई कर दी है। शिकायतों के संज्ञान में आने के बाद संबंधित पटल पर कार्यरत लिपिक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है। उनसे सभी कार्य लेकर उनको पटल मुक्त करने के साथ ही नये लिपिक की नियुक्ति भी कर दी है, ताकि लंबित आवेदनों पर जल्द से जल्द विचार करते हुए निस्तारण किया जा सके।
जानकारी के अनुसार जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र पटल और स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी निभा रहे लिपिक मनोज कुमार पाल के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें चली आ रही थीं। नागरिकों ने पालिकाध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी को लिखित रूप से पत्र सौंपकर भी उन पर आरोप लगाया था कि लिपिक द्वारा आवेदन पत्रों को गुम कर दिया जाता है, उन्हें अनावश्यक रूप से इधर-उधर भटकाया जाता है, आदेशों का अनुपालन नहीं किया जाता और कार्यों के प्रति गंभीरता नहीं बरती जाती। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने आदेश जारी कर लिपिक मनोज पाल को तत्काल प्रभाव से दोनों दायित्वोंकृजन्म-मृत्यु शपथ पत्र पटल और स्वच्छ भारत मिशनकृसे मुक्त कर दिया है।
पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप द्वारा जारी आदेश में कहा गया है किदृशपथ पत्रों के माध्यम से जन्म/मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने हेतु शिकायती प्रार्थना पत्र दिनांक 20.01.2026 का संज्ञान लेते हुए लिपिक (जन्म-मृत्यु शपथ पत्र) एवं स्वच्छ भारत मिशन मनोज कुमार पाल को पटल के कार्यों से मुक्त किया जाता है। उनके स्थान पर लिपिक नितिन कुमार जन्म-मृत्यु शपथ पत्रों का कार्य एवं लिपिक आकाशदीप स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित कार्य संपादित करेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभावी होगा और अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए।
इस संबंध में अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि पालिकाध्यक्ष द्वारा की गई यह कार्रवाई लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों के आधार पर की गई है। लिपिक मनोज पाल के खिलाफ गंभीर आरोप सामने आ रहे थे, जिनमें कार्य में लापरवाही और नागरिकों को अनावश्यक परेशान करना मुख्य रूप से शामिल है। कहना है कि अब नए दायित्वधारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी कार्य समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से किए जाएँ, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की समस्या न हो।






