वार्ड 33 में नाला निर्माण में गंभीर खामियां उजागर होने को लेकर पालिकाध्यक्ष ने किया अवर अभियंता कपिल कुमार से स्पष्टीकरण तलब
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर क्षेत्र में चल रहे नाला व सड़क निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। वार्ड संख्या 33 में कराए जा रहे नाला और अन्य निर्माण कार्यों के निरीक्षण के दौरान पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के सामने जल निकासी व्यवस्था, निर्माण तकनीक और सामग्री की गुणवत्ता में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अवर अभियंता को तीन वार्डों के कार्यों से मुक्त करते हुए पालिकाध्यक्ष द्वारा स्पष्टीकरण मांगा गया है और ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगा दी गई है।
नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर के वार्ड संख्या 33 की सभासद सीमा जैन ने पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप को पत्र लिखकर जनशिकायतों से अवगत कराते हुए रजवाहा रोड पर श्मशान घाट के से बालाजी मंदिर मार्ग चौराहे तक कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य में खामियों से अवगत कराते हुए जांच की मांग की थी। इसी को लेकर पालिका अध्यक्ष मिनाक्षी स्वरूप द्वारा 17 दिसंबर को वार्ड संख्या 33 में चल रहे नाला निर्माण एवं अन्य विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सभासद सीमा जैन, सभासद मनोज वर्मा, राजीव शर्मा, विकल्प जैन व अनिल ऐरन सहित अनेक गणमान्य नागरिक तथा अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह भी मौजूद रहे।
पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के अनुसार इस निरीक्षण में पाया गया कि मंडी समिति राजवाहा रोड पर निर्माण विभाग द्वारा सड़क किनारे सौंदर्यीकरण के लिए साइड पटरी का निर्माण कराया गया, लेकिन जल निकासी के लिए किसी प्रकार की समुचित नाली या नाले की व्यवस्था नहीं की गई है। पुराने नाले को बंद कर उस पर निर्माण कर दिया गया है, जिससे भविष्य में वर्षा के दौरान सड़क पर जलभराव की स्थिति बन सकती है। इससे सड़क क्षतिग्रस्त होने और सरकारी धन के अपव्यय की संभावना बनी। इसके साथ ही बालाजी चौक से मुनीम कॉलोनी होते हुए श्मशान घाट तक दो हिस्सों में कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य में भी गंभीर तकनीकी खामियां पाई गईं। नाले का ढलान और जलप्रवाह का ध्यान रखे बिना बिना तकनीकी परामर्श के ही मनमाने ढंग से निर्माण कराया जा रहा है। उपयोग में लाई जा रही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं पाई गई। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि नाले की दीवार और तली सड़क से ऊंची बनाई जा रही है, जिससे सड़क का पानी नाले में प्रवेश नहीं कर पाएगा और जलभराव की समस्या और बढ़ेगी।
पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप द्वारा की गई टिप्पणी में स्पष्ट किया गया कि निर्माण के दौरान संबंधित अवर अभियंता कपिल कुमार की मौके पर उपस्थिति नहीं रही, जिसके चलते ठेकेदार द्वारा मानकों की अनदेखी करते हुए घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए अवर अभियंता कपिल कुमार को नोटिस जारी करते हुए पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने तीन दिवस के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया है। इसके अतिरिक्त कपिल कुमार को वार्ड संख्या 33, 49 और 25 के सभी निर्माण कार्यों से मुक्त कर दिया गया है। इन वार्डों के निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी दूसरे अवर अभियंता राजीव कुमार सोनकर को सौंपी गई है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित सभी पत्रावलियां तत्काल नए तैनात अभियंता को हस्तांतरित की जाएं। मामले की जांच पूरी होने तक संबंधित ठेकेदार या फर्म के किसी भी प्रकार के भुगतान पर रोक लगा दी गई है। इस सम्बंध में अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के द्वारा की गई कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि उनके दिशा निर्देशन में अवर अभियंता को हटा दिया गया है। पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।





