मेरठ देशी शराब मामले ने शुक्रवार देर शाम पूरे शहर को झकझोर दिया। दौराला थाना क्षेत्र में एक सरकारी देशी शराब ठेके के पास शराब पीने के बाद किराना कारोबारी बाबूराम, जितेंद्र और अंकित उर्फ दौलत की तबीयत अचानक बिगड़ गई। तीनों को निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक-एक कर उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद अस्पताल में भारी हंगामा हुआ। परिजनों ने शराब विक्रेता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलते ही डीएम डॉ. वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडेय और जिला आबकारी विभाग की टीम अस्पताल पहुंची। इसके बाद अधिकारियों ने उस ठेके पर जाकर कार्रवाई की, जहां से शराब खरीदी गई थी।
ठेके के पास बिगड़ी हालत, अस्पताल में टूटी सांसें
मिली जानकारी के अनुसार, सरस्वती कॉलोनी निवासी बाबूराम (60) किराना व्यापारी थे और तेल का कारोबार भी करते थे। उनकी दुकान पर जितेंद्र (45) और अंकित उर्फ दौलत (32) काम करते थे। शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे तीनों ने कस्बे के देशी शराब ठेके के पास शराब पी।
कुछ ही देर बाद तीनों को उल्टी, पेट दर्द और बेचैनी होने लगी। वहां मौजूद लोगों ने हालत बिगड़ती देख उन्हें पास के आर्यावर्त अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जितेंद्र और अंकित को मृत घोषित कर दिया। बाबूराम की हालत ज्यादा गंभीर थी, इसलिए डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा, लेकिन थोड़ी देर बाद उनकी भी मौत हो गई।
इस घटना ने एक साथ तीन परिवारों को सदमे में डाल दिया। जितेंद्र के पिता राजपाल ने शराब बेचने वालों पर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि बेटा कई साल से बाबूराम की दुकान पर काम करता था और रोजमर्रा की तरह ही गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा।
वहीं, बाबूराम के बेटे सचिन ने पुलिस को दी शिकायत में ठेकेदार और शराब विक्रेता के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है। परिवार का गुस्सा इस बात पर भी है कि तीन मौतों के बाद भी अभी तक मौत का कारण अंतिम रूप से साफ नहीं हुआ है।
अस्पताल के ईएमओ डॉ. प्रफुल्ल चौहान ने शुरुआती लक्षणों के आधार पर कहा कि तीनों की मौत किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई हो सकती है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि मौत की असली वजह पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
दूसरी तरफ, पुलिस और प्रशासन ने शराब ठेके से खाली टेट्रा पैक और अन्य स्टॉक कब्जे में लिया है। पुलिस ने सेल्समैन समेत दो लोगों को हिरासत में लिया है। थाना प्रभारी सुमन कुमार सिंह के मुताबिक, ठेके का मालिक जगपाल बताया जा रहा है।

एसएसपी अविनाश पांडेय ने कहा कि जिस शराब की बात सामने आई है, उसकी 9 पेटियां बिकी थीं, लेकिन फिलहाल कहीं और से किसी और की तबीयत बिगड़ने की सूचना नहीं मिली। इसी वजह से पुलिस अभी सीधे यह कहने से बच रही है कि मौत सिर्फ शराब से हुई है।






