नगवा गांव में मिले मानव कंकाल की खोपड़ी से गहराया रहस्य, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस की उम्मीद को तोड़ा
मुज़फ़्फरनगर। बुढ़ाना कोतवाली क्षेत्र के नगवा गांव में जंगल से बरामद हुई संदिग्ध खोपड़ी और हड्डियों के मामले ने नई उलझन पैदा कर दी है। पुलिस जहाँ इस कंकाल को लापता 22 वर्षीय सचिन से जोड़कर सुराग मिलने की उम्मीद लगाए बैठी थी, वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरे मामले को और धुंधला कर दिया है। पोस्टमार्टम टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि बरामद खोपड़ी से यह निर्धारित करना संभव नहीं कि वह किसी पुरुष की है या महिला की। इतना ही नहीं, मौत की वजह या मौत का समय भी खोपड़ी से तय नहीं किया जा सका है। रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस की जांच एक बार फिर प्रारंभिक बिंदु पर पहुंच गई है।

एसपी देहात आदित्य बंसल ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आला अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की है। इधर, सचिन के परिजन खोपड़ी को उसका बताते हुए नामजद आरोपियों पर कार्रवाई की मांग पर अडिग हैं। सचिन 14 जनवरी से लापता है और परिजनों ने 18 जनवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजन शुरुआत से ही उसकी हत्या की आशंका जता रहे हैं। रविवार को जंगल से मिली खोपड़ी और दो उंगलियों के अवशेषों को लेकर परिवार ने केस को नई दिशा देने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने पीएम के साथ डीएनए जांच भी शुरू कराई है।
हालाँकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कोई निष्कर्ष न निकल पाने के कारण पुलिस की जांच फिलहाल ठहर गई है। अब पूरा मामला डीएनए रिपोर्ट पर टिका है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद अवशेष सचिन के हैं या नहीं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विशेषज्ञों की मदद लेकर आगे की जांच को गति दी जाएगी, ताकि नगवा गांव में मिली खोपड़ी की यह रहस्यमय गुत्थी सुलझ सके।






