वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने सांसद की बातों को गंभीरता से सुना और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया
मुजफ्फरनगर। केन्द्र और उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के साथ सत्ता में भागीदारी कर रही राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के युवा विंग के अध्यक्ष एवं बिजनौर लोकसभा सीट से सांसद चंदन चौहान शुक्रवार को मुजफ्फरनगर पुलिस के कथित रवैये से खासे आहत नजर आए। एक सब इंस्पेक्टर द्वारा फोन पर की गई कथित अभद्रता के बाद सांसद को अपनी नाराजगी लेकर सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पहुँचना पड़ा।
शुक्रवार को बिजनौर सांसद चंदन चौहान अपने कुछ समर्थकों के साथ मुजफ्फरनगर स्थित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा के कार्यालय पहुँचे। इस दौरान उन्होंने नगर कोतवाली में तैनात एक सब इंस्पेक्टर के कथित दुर्व्यवहार की शिकायत एसएसपी से की और पूरे मामले से उन्हें अवगत कराया। जानकारी के अनुसार, सांसद चंदन चौहान अपने आवास पर जनता की समस्याएं सुन रहे थे। इसी क्रम में एक प्रकरण को लेकर उन्होंने संबंधित दरोगा को फोन किया। आरोप है कि फोन पर बातचीत के दौरान सब इंस्पेक्टर ने अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, जिससे सांसद आहत हो गए। सांसद का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि से इस प्रकार का व्यवहार न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि इससे आम जनता में भी गलत संदेश जाता है।
कथित अभद्रता से क्षुब्ध सांसद ने मामले को हल्के में न लेते हुए सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलने का निर्णय लिया। एसएसपी कार्यालय पहुँचकर उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और संबंधित दरोगा के आचरण पर नाराजगी जताई। सांसद ने यह भी कहा कि पुलिस और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय और सम्मानजनक व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद है। सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय वर्मा ने सांसद की बातों को गंभीरता से सुना और मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस प्रशासन स्तर पर प्रकरण की आंतरिक समीक्षा किए जाने की बात कही जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में पुलिस विभाग द्वारा संबंधित दरोगा के व्यवहार को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।



