नोएडा के सेक्टर-150 स्थित एटीएस ली ग्रैंडियोस के पास शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जहां 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की जान सिर्फ इसलिए चली गई क्योंकि समय पर रेस्क्यू नहीं हो सका। युवक करीब 80 मिनट तक पानी पर तैर रही कार के ऊपर खड़े होकर टॉर्च जलाकर मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस और दमकल कर्मी पानी में उतरने से कतराते रहे। पिता की आंखों के सामने बेटे की सांसें थम गईं।
हादसे की पूरी कहानी
जानकारी के अनुसार, गुरुग्राम से घर लौट रहे युवराज मेहता की ग्रैंड विटारा कार सेक्टर-150 एटीएस ली ग्रैंडियोस के पास टी-प्वाइंट पर घने कोहरे के कारण अनियंत्रित हो गई। कार नाले की दीवार तोड़ते हुए 30 फुट गहरे, पानी से भरे निर्माणाधीन बेसमेंट के गड्ढे में जा गिरी।
हादसे के बाद कार पलट गई, लेकिन पानी पर तैरती रही। किसी तरह युवराज कार से बाहर निकले और अपने पिता राजकुमार मेहता को फोन कर मदद मांगी।
50 मिनट की देरी, 80 मिनट की बेबसी
पिता तुरंत डायल-112 पर सूचना देकर मौके पर पहुंचे। आरोप है कि पुलिस और दमकल कर्मियों को घटनास्थल पर पहुंचने में करीब 50 मिनट लग गए। इस दौरान युवराज कार के ऊपर खड़े होकर टॉर्च जलाते हुए लगातार “बचाओ-बचाओ” चिल्लाते रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पिता बार-बार पुलिस और दमकल कर्मियों से पानी में उतरकर बेटे को बचाने की मिन्नत करते रहे, लेकिन किसी ने जोखिम उठाने की हिम्मत नहीं दिखाई।
रेस्क्यू से इनकार, डर का हवाला
पुलिस और दमकल कर्मियों ने ठंडे पानी, घने कोहरे और गड्ढे में बने निर्माणाधीन कॉलम से टकराने के खतरे का हवाला देते हुए पानी में उतरने से इनकार कर दिया।
नॉलेज पार्क फायर स्टेशन से छोटी और बड़ी क्रेन मंगाई गई, लेकिन उससे भी युवराज को सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जा सका।
1:45 बजे जिंदगी हार गई
करीब रात 1:45 बजे युवराज कार समेत पानी के अंदर समा गया। इसके बाद SDRF टीम मौके पर पहुंची, लेकिन जरूरी उपकरण और स्टीमर नहीं होने के कारण रेस्क्यू शुरू नहीं हो सका।
काफी देर बाद गाजियाबाद से आई NDRF टीम ने स्टीमर उतारकर टॉर्च की रोशनी में युवक को बाहर निकाला।
युवराज को बेहोशी की हालत में कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मौके पर मौजूद परिजन, रिश्तेदार, स्थानीय लोग और डिलीवरी बॉय ने रेस्क्यू में हुई देरी को लेकर भारी नाराजगी जताई।
कौन थे युवराज मेहता
उम्र: 27 वर्ष
पेशा: सॉफ्टवेयर इंजीनियर
कंपनी: डनहमबी इंडिया, गुरुग्राम
निवास: टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी, सेक्टर-150
पिता: राजकुमार मेहता (SBI से सेवानिवृत्त निदेशक)
बहन: यूके में रहती हैं
मां का पहले ही निधन हो चुका है
नोएडा प्राधिकरण पर लापरवाही का आरोप
पिता राजकुमार मेहता ने नॉलेज पार्क कोतवाली में तहरीर देकर आरोप लगाया कि घटनास्थल के पास न तो बैरिकेडिंग थी, न रिफ्लेक्टर और न ही चेतावनी बोर्ड। स्थानीय निवासी पहले भी नोएडा प्राधिकरण से सुरक्षा इंतजामों की मांग कर चुके थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कोतवाली प्रभारी सर्वेश सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया हादसे का कारण कोहरा और तेज रफ्तार प्रतीत हो रहा है। युवक के पिता की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।






