फुगाना बिजलीघर पर परिजनों के धरने के बीच रात को पहुंचे पूर्व विधायक उमेश मलिक, 11 बजे के बाद हुआ अंतिम संस्कार
मुजफ्फरनगर। फुगाना थाना क्षेत्र के गांव फुगाना में विद्युत लाइनमैन दीपक (32) की करंट लगने से हुई दर्दनाक मौत के बाद ग्रामीणों ने बुधवार को हंगामा और प्रदर्शन किया। देर रात तक चले घटनाक्रम में पूर्व विधायक उमेश मलिक के हस्तक्षेप और अधिकारियों से हुई वार्ता के बाद परिजनों की मांगों पर सहमति बनी, जिसके पश्चात धरना समाप्त कराया गया। रात करीब 11 बजे दीपक का अंतिम संस्कार किया गया।
गांव फुगाना निवासी दीपक पुत्र मदन फुगाना बिजलीघर पर संविदा कर्मी के रूप में तैनात था। बुधवार सुबह करीब 10 बजे वह एचटी लाइन पर तार जोड़ने का कार्य कर रहा था। बताया गया कि दीपक ने शटडाउन लेकर ही काम शुरू किया था, बावजूद इसके अचानक एचटी लाइन में सप्लाई आ जाने से वह गंभीर रूप से झुलस गया। साथी कर्मचारियों ने उसे तुरंत अस्पताल ले जाने का प्रयास किया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बाद में चिकित्सकों ने भी उसकी मृत्यु की पुष्टि कर दी। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने फुगाना बिजलीघर पर जमकर हंगामा किया और विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए धरने पर बैठ गए। परिजनों का कहना था कि शटडाउन लेने के बाद भी लाइन में करंट कैसे छोड़ा गया, यह विभाग की बड़ी लापरवाही है। आरोप है कि विभाग का कोई अधिकारी मौके पर बातचीत करने तक नहीं पहुंचा।

हंगामे की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। परिजन मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी, आर्थिक सहायता, पेंशन तथा भाई को रोजगार देने की मांग कर रहे थे। धरना स्थल पर मुकेश मलिक, काला, प्रमोद मलिक, अरविंद मलिक सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। देर रात पूर्व विधायक उमेश मलिक गांव पहुंचे और उन्होंने अधिकारियों से बातचीत कर मृतक परिवार की मांगों का समाधान कराया। वार्ता में मृतक की पत्नी को 14 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, साधारण पेंशन, पत्नी को नौकरी और भाई को संविदा कर्मचारी के रूप में नियुक्ति का आश्वासन दिया गया। आश्वासन के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया और रात 11 बजे के बाद मृतक लाइनमैन दीपक का अंतिम संस्कार किया गया।






