पूरे दिन सूरज नहीं निकलने से ठिठुरन रही कायम, सर्दी के सितम के कारण शहरी जनजीवन रहा ठप
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में शुक्रवार का दिन इस सीजन का सबसे सर्द दिन साबित हुआ। पांचवें दिन भी ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखाया। घने कोहरे और तेज शीतलहर के डबल अटैक ने जनजीवन बेहाल कर दिया। सुबह से लेकर दोपहर तक सूरज के दर्शन न होने से ठिठुरन लगातार बढ़ती रही। दोपहर करीब ढाई बजे हल्की धूप जरूर निकली, लेकिन कोहरे के दबाव में वह भी बेअसर नजर आई।
शुक्रवार सुबह जिलेभर में कोहरा इस कदर हावी रहा कि 10 मीटर की दूरी तक भी कुछ साफ दिखाई नहीं दे रहा था। दिल्लीदृदेहरादून हाईवे समेत सभी प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते हुए चलने को विवश रहे। कम दृश्यता के चलते वाहन चालकों को हेडलाइट और इंडिकेटर जलाकर सावधानी से गुजरना पड़ा। कई स्थानों पर ट्रैफिक धीमा होने से जाम जैसे हालात बने रहे। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बर्फबारी और शीतलहर का असर मैदानी इलाकों पर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण अगले दो दिन तक मौसम में सुधार की संभावना कम है। हल्की बारिश की आशंका जरूर जताई गई है, लेकिन ठंड से राहत मिलना फिलहाल मुश्किल माना जा रहा है।
परिषदीय विद्यालयों में 14 जनवरी तक शीतकालीन अवकाश घोषित था, जबकि 15 जनवरी मकर संक्रांति का अवकाश होने से स्कूल 16 जनवरी को खुले। भीषण ठंड और घने कोहरे के कारण स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बेहद कम रही। जिला प्रशासन ने शीतलहर को देखते हुए स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद गुरुवार और शुक्रवार दोनों दिन कोहरा पूरे दिन छाया रहा। बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। सुबह जैसा मौसम था, दोपहर बाद छुट्टी के समय भी हालात वही रहेकृघना कोहरा, तेज ठंड और हड्डियों तक चुभने वाली शीतलहर। अभिभावक भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर खासे चिंतित दिखाई दिए। कम दृश्यता में सड़क हादसों की आशंका के चलते कई अभिभावक स्वयं बच्चों को छोड़ने और लेने पहुंचे।
कठोर ठंड के बावजूद शिक्षक और शिक्षिकाएं समय से विद्यालय पहुंचे। 24 जनवरी से प्रारंभ होने जा रही परिषदीय सत्र परीक्षाओं की तैयारियों में शिक्षण स्टाफ जुट गया है। विद्यालयों में हीटर या गर्माहट के पर्याप्त इंतजाम न होने से शिक्षकों और बच्चों दोनों को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार कई दिनों से सूर्यदेव के दर्शन न होने और शीतलहर के प्रकोप के कारण जिलेभर में जनजीवन प्रभावित है। आमजन सुबह से शाम तक अलाव की तलाश में नजर आए। ठंड से राहत की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को मौसम विभाग ने अभी इंतजार की सलाह दी है। अगले कुछ दिनों तक हालात ऐसे ही बने रहने के संकेत हैं। मुजफ्फरनगर में ठंड का कहर जारी है और कोहरे की चादर में लिपटा जिला मानो ठिठुरती सांसों के साथ मौसम के सुधरने का इंतजार कर रहा है।






