वैश्य अग्रवाल महासभा ने प्रकाश चौक स्थित कांस्य प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि
मुजफ्फरनगर। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद और महान क्रांतिकारी पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की जयंती के अवसर पर मुजफ्फरनगर में राष्ट्रभक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। वैश्य अग्रवाल महासभा मुजफ्फरनगर द्वारा स्थानीय लाला लाजपत राय चौक पर उनकी कांस्य प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा, सम्मान और विचारों के आदान-प्रदान के साथ जयंती मनाई गई, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
वैश्य अग्रवाल महासभा के तत्वावधान में स्थानीय लाला लाजपत राय चौक पर अमर शहीद, महान स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की जयंती पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर उनकी कांस्य प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सभा के अध्यक्ष सुनील सिंघल ने की, जबकि संचालन महामंत्री नवनीत कुच्छल द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वैश्य समाज के गणमान्य लोगों ने सहभागिता की और लाला लाजपत राय के राष्ट्रप्रेम, त्याग और बलिदान को स्मरण किया।

सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव बंसल ने जानकारी देते हुए बताया कि लाला लाजपत राय न केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी थे, बल्कि समाज सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने सभी उपस्थित जनों से उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया। विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए नगर पालिका परिषद की पूर्व चेयरपर्सन श्रीमती अंजू अग्रवाल ने कहा कि पंजाब केसरी लाला लाजपत राय जैसे वीर सपूतों के कारण ही आज हम स्वतंत्र भारत में सांस ले पा रहे हैं। साइमन कमीशन के विरोध में लाठीचार्ज के दौरान उनका अदम्य साहस आज भी हर भारतीय को प्रेरित करता है, जिसके आगे हम सभी नतमस्तक हैं।
मुजफ्फरनगर के अग्रणी उद्योगपति सतीश गोयल और वरिष्ठ व्यापारी नेता संजय मित्तल ने कहा कि लाला लाजपत राय का नाम सुनते ही रग-रग में देशभक्ति का संचार हो जाता है। वे ऐसे क्रांतिकारी थे जिनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। सभा के अध्यक्ष सुनील सिंघल और संरक्षक विजय गुप्ता ने अपने संबोधन में लाला लाजपत राय के जीवन, संघर्ष और बलिदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। महामंत्री नवनीत कुच्छल ने उनके ऐतिहासिक कथनकृ “मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश सरकार के ताबूत में एक-एक कील का काम करेगी” कृका उल्लेख करते हुए कहा कि इस कथन ने स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव बंसल ने बताया कि लाला लाजपत राय ने दयानंद एंग्लो वैदिक (डीएवी) विद्यालयों के प्रसार में अहम भूमिका निभाई और पंजाब नेशनल बैंक जैसी संस्था की स्थापना कर आर्थिक स्वावलंबन की नींव रखी। विचार गोष्ठी को गोपाल मित्तल, राकेश तायल, समाजसेवी अशोक अग्रवाल, उपाध्यक्ष धर्मेंद्र तायल, प्रदीप गर्ग, मंत्री राकेश तायल, समीर मित्तल, मनीष गर्ग, अजय गुप्ता, प्रदीप गोयल सहित अनेक वक्ताओं ने संबोधित किया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में वैश्य बंधु उपस्थित रहे और सभी ने लाला लाजपत राय के राष्ट्रप्रेम के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।






