वाहन चेकिंग के नाम पर सार्वजनिक रूप से किया था अपमान, सभासदों के हंगामे के बाद मंत्री ने दिया दखल
मुजफ्फरनगर। शहर में भाजपा सभासद प्रशांत गौतम कूकड़ा के साथ वाहन चेकिंग के दौरान सार्वजनिक रूप से अभद्रता करने, चालान काटने की धमकी देने और अपमानित करने के घटनाक्रम में आरोपी हैड कांस्टेबल को आखिरकार लाइन हाजिर कर दिया गया है। इस कार्रवाई से न केवल सभासद का सम्मान बहाल हुआ है, बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं के मनोबल को भी मजबूती मिली है।
ये घटना गुरुवार की है, जब मेरठ रोड स्थित पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास सिविल लाइन थाना पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान भाजपा सभासद प्रशांत गौतम अपनी बुलेट बाइक से सदर तहसील जा रहे थे। बताया गया कि वे एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के तहत अपने वार्ड के मतदाताओं को आए नोटिसों के संबंध में सहयोग के लिए सदर तहसील जा रहे थे। मेरठ रोड पर डाक बंगले के सामने ही थाना सिविल लाइन के पुलिसकर्मियों ने चेकिंग के नाम पर उन्हें रोका। सभासद के अनुसार बाइक के सभी कागजात सही पाए गए, इसके बावजूद हेलमेट न पहनने का हवाला देते हुए सिपाही ने चालान काटने की धमकी दी। आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया और आसपास बिना हेलमेट चल रहे अन्य वाहन चालकों पर कार्रवाई न होने का सवाल उठाया, तो संबंधित पुलिसकर्मी ने उनके साथ अभद्रता की।
सभासद प्रशांत गौतम का कहना है कि परिचय देने के बाद भी सिपाही के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया और बहस बढ़ती चली गई। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। स्थिति बिगड़ते देख सभासद ने अन्य भाजपा सभासदा और पदाधिकारियों को मौके पर बुला लिया। उनके पहुंचते ही हंगामा बढ़ गया और पुलिसकर्मी के रवैये के खिलाफ जोरदार विरोध शुरू हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा सभासदों ने राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल को फोन पर पूरी घटना से अवगत कराया और संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने एसएसपी संजय वर्मा से बात कर निर्वाचित जनप्रतिनिधि और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ की गई कथित अभद्रता पर कड़ा रोष जताया।

बताया गया कि देर रात एसएसपी संजय वर्मा ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी हैड कांस्टेबल सुशील कुमार को सिविल लाइन थाने से हटाकर पुलिस लाइन में स्थानांतरित करने के आदेश जारी किए। इसके साथ ही उसे लाइन हाजिर कर दिया गया। गौरतलब है कि इससे पहले भी जनपद में वाहन चेकिंग के दौरान आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के साथ पुलिस कर्मियों के व्यवहार को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद भाजपा सभासद प्रशांत गौतम का कहना है कि इससे न केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान बचा है, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं में भी सकारात्मक संदेश गया है। वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह कार्रवाई पुलिस प्रशासन के लिए एक संदेश है कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और आम जनता के साथ मर्यादित व्यवहार जरूरी है।






