एडीएम वित्त ने दिया कार्रवाई का भरोसा; भ्रष्टाचार, घटिया सड़क निर्माण और टेंडर धांधली की शिकायत शासन को भेजी
मुजफ्फरनगर। जनपद में सिंचाई विभाग की कथित भ्रष्टाचारपूर्ण कार्यशैली और घटिया निर्माण को लेकर उठे सवाल आखिरकार प्रशासन तक पहुँच ही गए। पाँच दिनों से कलेक्ट्रेट परिसर में अनशन पर बैठे आरटीआई कार्यकर्ता सुमित मलिक को प्रशासनिक स्तर पर गंभीर आश्वासन प्राप्त होने के बाद सोमवार को अपनी भूख हड़ताल समाप्त करनी पड़ी। मामला सिंचाई विभाग द्वारा हाल ही में निर्मित तीन सड़कों की गुणवत्ता में भारी अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसकी प्रारंभिक जांच में भी गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं।
जनपद में सिंचाई विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान बनाई गई तीन नवनिर्मित सड़कों की खराब गुणवत्ता, भ्रष्टाचार और टेंडरों में धांधली के आरोपों ने प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है। आरटीआई कार्यकर्ता सुमित मलिक ने इन अनियमितताओं के विरोध में पिछले पाँच दिनों से कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल शुरू कर रखी थी, जिसे सोमवार को प्रशासनिक आश्वासन मिलने के बाद समाप्त कर दिया गया।
निर्माण के पाँच दिन बाद ही उखड़ गई सड़कें
सुमित मलिक के अनुसार, सिंचाई विभाग के खंड गंगा नहर द्वारा बनाई गई तीन सड़कों की हालत निर्माण के महज पाँच दिनों बाद ही खराब होने लगी। आरोप है कि सड़कों पर न मानक के अनुरूप तारकोल डाला गया और न ही निर्माण गुणवत्ता का ध्यान रखा गया। उन्होंने 13 दिसंबर 2025 को जनपद के प्रभारी मंत्री को इस बाबत शिकायत दी थी। शिकायत के बाद कराई गई प्रारंभिक जांच में भी अनियमितताएँ पाई गईं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सिंचाई विभाग की टेंडर प्रक्रिया में कमीशनखोरी का आरोप
आरटीआई कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि एक्सईएन, एसडीओ और जेई की मिलीभगत से टेंडर प्रक्रियाओं में भारी कमीशनखोरी हुई, जिसका सीधा असर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर पड़ा। उनका कहना है कि कमीशन के बदले ठेकेदारों को मनमानी करने की छूट दी गई, जिसके परिणामस्वरूप सड़कें कुछ ही दिनों में टूटने लगीं। लगातार पाँच दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सुमित मलिक की स्थिति बिगड़ने लगी तो प्रशासन हरकत में आया। देर रात एडीएम वित्त गजेन्द्र सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और फोन पर डीएम से उनकी बात भी कराई। सोमवार को एडीएम वित्त गजेन्द्र सिंह एक बार फिर धरने पर पहुंचे और बताया कि सीडीओ द्वारा की गई जांच रिपोर्ट को कार्रवाई की संस्तुति के साथ शासन को भेज दिया गया है।
प्रशासन का वादा-शासन स्तर पर जल्द होगी कड़ी कार्रवाई
एडीएम वित्त ने भरोसा दिलाया कि शासन स्तर से मामले में जल्द ही गंभीर कार्रवाई की जाएगी। इस आश्वासन के बाद उन्होंने सुमित मलिक को जूस पिलाकर उनकी भूख हड़ताल समाप्त कराई। भूख हड़ताल समाप्त होने पर आरटीआई कार्यकर्ता ने कहा कि जब तक दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, वह संघर्ष जारी रखेंगे।






