(Muzaffarnagar) मुजफ्फरनगर। जनपद पुलिस ने वाहन चोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरजनपदीय गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की पांच मोटरसाइकिल और अवैध असलाह बरामद किया है। ये बदमाश मेरठ व अन्य जिलों से वाहन चोरी कर मुजफ्फरनगर स्थित एक बंद पड़ी फैक्ट्री में छिपा देते थे और बाद में उनका इंजन व चेसिस नंबर बदलकर बेच देते थे।
घटनाक्रम के अनुसार, 23 जनवरी की रात उप निरीक्षक पंकज शर्मा और उप निरीक्षक शिखर चैधरी अपनी टीम के साथ जड़ौदा अड्डे के पास संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि चैकी बेगराजपुर क्षेत्र में एनएच-58 के पास स्थित बंद पड़ी पालीवाल फैक्ट्री में कुछ वाहन चोर मौजूद हैं।
मुखबिर ने बताया कि चोर वहां चोरी की मोटरसाइकिलें छिपाते हैं और आज उन्हें बेचने की फिराक में हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मुखबिर को साथ लेकर नारा जड़ौदा फैक्ट्री एरिया पहुंची। रात का समय होने के कारण कोई स्वतंत्र गवाह नहीं मिल सका। पुलिस टीम ने सावधानीपूर्वक बंद पड़ी पालीवाल फैक्ट्री की टूटी हुई दीवार से अंदर प्रवेश किया, जहां उन्हें कुछ रोशनी दिखाई दी। पास जाकर देखा तो पांच मोटरसाइकिलें खड़ी थीं और उनके पास दो व्यक्ति मौजूद थे। मुखबिर द्वारा इशारा किए जाने के बाद पुलिस ने दोनों को ललकारा।
पुलिस को देखकर बदमाशों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने घेराबंदी कर आवश्यक बल प्रयोग करते हुए दोनों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की जामा तलाशी लेने पर उनके पास से अवैध हथियार बरामद हुए। सोनू पुत्र कमल सिंह ;निवासी ग्राम सिखेड़ा, थाना पिलखुआ, जिला हापुड़द्ध इसके पास से 315 बोर का एक तमंचा और एक जिंदा कारतूस मिला। रिगन पुत्र मुनीराम ;निवासी ग्राम सिखेड़ा, थाना परीक्षितगढ़, जिला मेरठद्ध के पास से 12 बोर का एक तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए।
पुलिस द्वारा बरामद की गई पांचों मोटरसाइकिलों की जांच करने पर बड़ा खुलासा हुआ। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मेरठ के अलग-अलग स्थानों से बाइक चोरी करते थे। पकडे गये लोगों से हीरो स्प्लेंडर प्लस (यूपी 15 डीए 8721) यह बाइक थाना गंगानगर, मेरठ से चोरी की गई थी। हीरो स्प्लेंडर (यूपी 15 बीएम 1597) यह बाइक थाना मवाना, मेरठ से चोरी की गई थी व अन्य तीन बाइकें पुलिस को मौके से एक यामाहा एफजेड, एक सुपर स्प्लेंडर और एक अन्य स्प्लेंडर प्लस मिली, जिनके नंबर प्लेट गायब थे और चेसिस नंबर मिटाए हुए थे।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे चोरी करने के बाद वाहनों को पालीवाल फैक्ट्री में खड़ा कर देते थे। यहां वे वाहनों के इंजन और चेसिस नंबर को मिटा देते थे ताकि पुलिस उन्हें ट्रेस न कर सके और फिर उन्हें बेचकर आर्थिक लाभ कमाते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं और आम्र्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।






