उदयपुर (राजस्थान)। उदयपुर आईटी कंपनी गैंगरेप मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। एक आईटी कंपनी की महिला मैनेजर के साथ कथित तौर पर चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म किया गया। इस मामले में कंपनी के सीईओ, महिला एग्जीक्युटिव हेड और उसके पति को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि यह घटना सीईओ की बर्थडे पार्टी के बाद हुई।
सीईओ की पार्टी से शुरू हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, घटना पिछले शनिवार की है। कंपनी के सीईओ ने अपने जन्मदिन के मौके पर एक पार्टी आयोजित की थी, जिसमें कंपनी की महिला मैनेजर भी अन्य कर्मचारियों और मेहमानों की तरह शामिल हुई थी। पार्टी देर रात तक चली और धीरे-धीरे अधिकांश मेहमान वहां से चले गए।
बताया गया कि पार्टी खत्म होने के समय मौके पर केवल चार लोग ही मौजूद थे, जिनमें पीड़िता, कंपनी की महिला एग्जीक्युटिव हेड, उसका पति और कंपनी का सीईओ शामिल थे।
घर छोड़ने के बहाने कार में बैठी पीड़िता
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसके पास निजी वाहन नहीं था। इसी दौरान महिला एग्जीक्युटिव हेड ने उसे घर तक छोड़ने की पेशकश की। भरोसा करके पीड़िता उनकी कार में बैठ गई। कार में सीईओ और महिला एग्जीक्युटिव हेड का पति भी मौजूद था।
पुलिस के मुताबिक, रास्ते में आरोपियों ने कार को एक दुकान पर रोका और सिगरेट जैसी कोई वस्तु खरीदी, जिसे पीड़िता को ऑफर किया गया। पीड़िता का कहना है कि उस पदार्थ के सेवन के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी और वह अर्ध-बेहोशी की स्थिति में चली गई।
पीड़िता के अनुसार, जब उसे कुछ होश आया तो उसने पाया कि चलती कार में उसके साथ दरिंदगी की जा रही है। महिला ने आरोप लगाया कि तीनों आरोपी इस अपराध में शामिल थे और विरोध के बावजूद उन्होंने उसे नहीं छोड़ा। पीड़िता ने बताया कि उसे पूरी रात कार में ही रखा गया और सुबह के समय उसके घर के पास छोड़ दिया गया।
मेडिकल जांच के बाद दर्ज कराई शिकायत
पीड़िता ने बताया कि वह अत्यधिक दर्द और कमजोरी महसूस कर रही थी। इसके बाद वह एक निजी अस्पताल पहुंची, जहां मेडिकल जांच कराई गई। मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि होने के बाद उसने पुलिस से संपर्क किया।
शिकायत के आधार पर सुखेर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, पुलिस रिमांड पर
पुलिस ने गुरुवार को कंपनी के सीईओ, महिला एग्जीक्युटिव हेड और उसके पति को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
उदयपुर के पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज़ी से की जा रही है। पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और मेडिकल रिपोर्ट को केस डायरी में शामिल किया गया है।
पुलिस ने कहा कि पूरे मामले की जांच एएसपी माधुरी वर्मा को सौंपी गई है। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान सभी साक्ष्यों और तथ्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
उदयपुर आईटी कंपनी गैंगरेप मामला एक बार फिर कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और भरोसे के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।





