UGC ACT-मोदी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरा सवर्ण समाज

यूजीसी इक्विटी एक्ट के खिलाफ सवर्ण समाज का उग्र प्रदर्शन, हिंदू समाज के बंटवारे का लगाया आरोप

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में केन्द्र सरकार द्वारा लाए गए यूजीसी इक्विटी एक्ट को लेकर सवर्ण समाज में गहराता असंतोष अब सड़कों पर साफ नजर आने लगा है। कानून को हिंदू समाज को बांटने की साजिश बताते हुए सवर्ण समाज संघर्ष समिति (एस-4) के नेतृत्व में बुधवार को सैकड़ों लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
केन्द्र सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के माध्यम से लाए गए यूजीसी इक्विटी एक्ट के खिलाफ सवर्ण समाज का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। समाज के विभिन्न संगठन और संस्थाएं खुलकर इस कानून के विरोध में उतर आई हैं। इसी क्रम में देशव्यापी आंदोलन के लिए गठित सवर्ण समाज संघर्ष समिति (एस-4) के बैनर तले बुधवार को सवर्ण समाज के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने कानून को हिंदू समाज को विभाजित करने वाला बताते हुए जमकर नारेबाजी की। जुलूस के रूप में एकत्र हुए सवर्ण समाज के लोग शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने केन्द्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और महामहिम राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

इसे भी पढ़ें:  स्पाइडर-मैन बना अश्लीलता का खलनायक: देवबंद में महिलाओं से अमर्यादित हरकतें करने वाला युवक गिरफ्तार

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी इक्विटी एक्ट के माध्यम से उच्च शिक्षा में योग्यता आधारित व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है। इससे न केवल मेधावी छात्रों के भविष्य पर प्रश्नचिह्न लग रहा है, बल्कि समाज में नए प्रकार के भेदभाव को भी बढ़ावा मिल रहा है। सवर्ण समाज संघर्ष समिति की ओर से दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि यूजीसी द्वारा हाल ही में प्रस्तावित अथवा लागू किए गए नियम देश के उच्च शिक्षा तंत्र, सामाजिक संतुलन और समान अवसर के संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत प्रतीत होते हैं। इन नियमों से छात्रों, शिक्षकों और समाज के एक बड़े वर्ग में गहरा असंतोष है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि यूजीसी का गठन उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, निष्पक्षता और समान अवसर सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन वर्तमान प्रस्तावों से योग्यता (मेरिट) प्रभावित हो रही है। शिक्षा को राजनीतिक और वैचारिक प्रयोगशाला बनाया जा रहा है, जिससे छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय हो रहा है। सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 का हवाला देते हुए कहा कि इनमें समानता, न्याय और अवसर की गारंटी दी गई है, जबकि यूजीसी के ये प्रस्ताव उन मूल संवैधानिक भावनाओं के विपरीत हैं। देश का शिक्षित युवा स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहा है, जो राष्ट्र के भविष्य के लिए शुभ संकेत नहीं है। ज्ञापन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति से मांग की गई कि यूजीसी द्वारा प्रस्तावित व लागू किए गए विवादित नियमों पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही विषय विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और समाज के सभी वर्गों से व्यापक परामर्श कर पुनर्विचार कराया जाए, ताकि उच्च शिक्षा में न्याय, समानता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से संजय मिश्रा, अखिल वत्स, सुभाष गौतम, संदीप शर्मा, संजय कुमार गौतम, डॉ. शैलेन्द्र शर्मा, मनोज सैनी, शरद कपूर और रमन शर्मा सहित बड़ी संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने इस कानून को वापस नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

इसे भी पढ़ें:  एमआईटूसी कंपनी को फटकार, ईओ डाॅ. प्रज्ञा सिंह के हस्तक्षेप के बाद खुली हड़ताल

Also Read This

मुजफ्फरनगर मुठभेड़: इनामी अमजद मारा गया, दो पुलिसकर्मी घायल

मुजफ्फरनगर। बुढाना कोतवाली क्षेत्र के ग्रामीण जंगल इलाके में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी अपराधी अमजद मारा गया। फायरिंग के दौरान एसपी देहात की गाड़ी पर गोलियां चलीं, जिससे वाहन के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। एक सब इंस्पेक्टर और एक सिपाही घायल हुए हैं, जिनका उपचार चल रहा है। पुलिस के अनुसार वांछित अपराधियों की गतिविधि की सूचना मिलने पर टीम ने विज्ञान रोड के पास जंगल क्षेत्र में घेराबंदी की। आमना-सामना होते ही बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में अमजद गोली लगने से घायल हुआ। दूसरी ओर, बदमाशों की फायरिंग में सब इंस्पेक्टर संदीप और

Read More »

एमडीए में रिश्वतखोरीः कार्यालय पर भाजपा नेता का धरना

एमडीए के अधिकारियों का कहना है कि विभाग में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी जैसे आरोप गलत हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता नहीं हुई

Read More »