साइबर टीम ने गिए 2 लाख नकद बरामद, शातिर साथी हुआ फरार, मोबाइल से 8.36 लाख रुपये के 19 फर्जी ट्रांजैक्शन के सबूत मिले
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में साइबर ठगी का एक संगठित तरीका उजागर हुआ है, जिसमें आरोपी व्यापारियों को एनईएफटी भुगतान का फर्जी प्रमाण दिखाकर सामान ले जाते थे। पुलिस की कार्रवाई में एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है, जबकि उसका साथी अभी पकड़ से बाहर है। मामले में कई अन्य ठगी की घटनाओं के जुड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
एसपी क्राइम इंदू सिद्धार्थ ने शुक्रवार को पुलस लाइन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया को बताया कि थाना साइबर क्राइम पुलिस ने एनईएफटी के जरिए फर्जी भुगतान का झांसा देकर व्यापारियों से ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 2,00,000 रुपये की नकदी बरामद हुई है, जबकि उसका एक सहयोगी अभी फरार चल रहा है। पुलिस के अनुसार, एक व्यापारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उससे करीब एक लाख रुपये का कॉपर वायर खरीदा और भुगतान के नाम पर एनईएफटी का स्क्रीनशॉट दिखाकर चला गया। कुछ समय बाद जब व्यापारी के खाते में पैसा नहीं पहुंचा, तब उसे ठगी का एहसास हुआ।
शिकायत मिलने के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान 1 मई 2026 को बुढ़ाना रोड से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुज्जमिल (35 वर्ष) पुत्र साजिद निवासी बेहटा हाजीपुर, गाजियाबाद के रूप में हुई है। वहीं उसका फरार साथी जव्वाद पुत्र शहाबुदीन निवासी लोनी बॉर्डर गाजियाबाद बताया गया है। उसकी तलाश में टीम को लगाया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दुकानों से सामान खरीदते समय एनईएफटी भुगतान का झांसा देता था। इसके लिए वह मोबाइल एप के जरिए फर्जी एनईएफटी रसीद तैयार कर दुकानदार को दिखा देता था और सामान लेकर फरार हो जाता था।
आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वह पहले भी इसी दुकान से सामान खरीद चुका था, जिससे दुकानदार का विश्वास जीतकर उसने दोबारा ठगी की घटना को अंजाम दिया। इसके अलावा उसने बुढ़ाना क्षेत्र में भी इसी तरह की धोखाधड़ी करना कबूल किया है। एसपी क्राइम के अनुसार पुलिस जांच में आरोपी के मोबाइल फोन से 19 फर्जी एनईएफटी भुगतान रसीदों के स्क्रीनशॉट मिले हैं, जिनकी कुल राशि करीब घ्8,36,237 बताई गई है। इनमें सबसे बड़ी फर्जी रसीद घ्2 लाख की पाई गई है। पुलिस अब इन रसीदों में दर्ज बैंक खातों और संबंधित व्यक्तियों की जानकारी जुटाकर अन्य संभावित मामलों की जांच कर रही है। थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही फरार आरोपी की तलाश के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े और मामलों का खुलासा होने की संभावना है तथा व्यापारियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।






