तहसील सदर में दस्तावेज लेखकों ने दिया धरना, सरकार के खिलाफ रोष, रजिस्ट्री कार्य रहा ठप
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में लागू की जा रही नई ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में मंगलवार को तहसील सदर के दस्तावेज लेखकों ने कामबंद हड़ताल कर दी। विरोध प्रदर्शन के दौरान दस्तावेज लेखकों ने रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय पर तालाबंदी की तथा एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना देकर सरकार और निबंधन विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। हड़ताल के कारण तहसील सदर में पूरे दिन संपत्ति रजिस्ट्रीकरण का कार्य प्रभावित रहा और बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दस्तावेज लेखकों का कहना है कि महानिरीक्षक निबंधन एवं स्टाम्प द्वारा जारी ई-पंजीकरण व्यवस्था के तहत प्रेरणा सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण की प्रक्रिया लागू की जा रही है। नई व्यवस्था में कुछ निर्धारित संस्थाओं को ही दस्तावेज तैयार करने और पंजीकरण की सुविधा दी गई है, जबकि वर्षों से कार्य कर रहे पंजीकृत दस्तावेज लेखकों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है। धरने को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश भर में हजारों दस्तावेज लेखक दशकों से निबंधन विभाग के सहयोगी के रूप में कार्य करते हुए आम जनता को सस्ती, सुलभ और विधिक रूप से शुद्ध दस्तावेजी सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। यदि उन्हें ई-पंजीकरण प्रणाली में शामिल नहीं किया गया तो हजारों परिवारों की आजीविका संकट में पड़ जाएगी।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक नियमावली-1977 के अंतर्गत उन्हें मान्यता प्राप्त है और वे इसी व्यवस्था के तहत अपना व्यवसाय संचालित कर रहे हैं। उनका आरोप है कि नई ई-पंजीकरण व्यवस्था में दस्तावेज लेखकों की उपेक्षा कर उन्हें रोजगार से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है, जो प्राकृतिक न्याय और जीविकोपार्जन के अधिकार के विरुद्ध है। एसोसिएशन ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि दस्तावेज लेखकों को भी ई-पंजीकरण प्रक्रिया में अधिकृत एजेंट अथवा यूजर के रूप में शामिल किया जाए तथा प्रेरणा पोर्टल पर लॉग-इन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही दस्तावेज लेखकों को नई तकनीक के संचालन के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाए और बायोमेट्रिक उपकरण खरीदने हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
दस्तावेज लेखकों ने फ्रंट ऑफिस योजना को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। धरने में उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कुमार त्यागी, सचिव जितेन्द्र कुमार गर्ग (पंकज), कोषाध्यक्ष अभिनव प्रकाश मुद्गल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक कुमार माहेश्वरी, उपाध्यक्ष शशिकांत शर्मा, संगठन मंत्री रामकुमार गंगानिया, संयोजक शमीम अहमद, सतीश शर्मा सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक मौजूद रहे।






