रेलवे स्टेशन पर प्रमुख समस्याओं को लेकर एडीआरएम के साथ मंथन, आरपीएफ थाना प्रभारी के व्यवहार पर सांसद सख्त
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर के रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को रेल सुविधाओं, विकास कार्यों और व्यापारियों की समस्याओं को लेकर आयोजित बैठक में उस समय माहौल गर्म हो गया जब व्यापारियों ने आरपीएफ थाना प्रभारी के व्यवहार को लेकर शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि व्यापारियों से अभद्रता किए जाने के मामले में सांसद हरेन्द्र मलिक ने बैठक के दौरान आरपीएफ इंस्पेक्टर को कड़ी फटकार लगाई और वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों के सामने पूरे प्रकरण को उठाया।
मुजफ्फरनगर रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को सांसद हरेन्द्र मलिक के नेतृत्व में स्थानीय व्यापारियों, दैनिक रेल यात्री संघ के प्रतिनिधियों तथा उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेलवे से जुड़ी विभिन्न जनसमस्याओं, विकास कार्यों और यात्रियों की सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। दिल्ली से पहुंचे उत्तर रेलवे के अधिकारियों के समक्ष सांसद ने कहा कि मुजफ्फरनगर में रेल यातायात और विकास कार्यों में हो रही शिथिलता तथा लंबित समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने संसद में कई बार प्रश्न उठाए हैं। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना है और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
बैठक में स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर शुद्ध पेयजल की नई व्यवस्था, नई मंडी क्षेत्र को रेलवे स्टेशन से जोड़ने वाले नए फुट ओवरब्रिज (एफओबी) का निर्माण, निर्माणाधीन एफओबी का कार्य शीघ्र पूरा कराने तथा प्लेटफॉर्म के अंतिम छोर पर नया टॉयलेट ब्लॉक बनाने की मांग को अधिकारियों ने स्वीकार किया। व्यापारी नेताओं संजय मित्तल, श्याम मल्होत्रा, राकेश शर्मा, संजय मिश्रा और अनिल लोहिया ने स्टेशन और माल गोदाम से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। व्यापारियों ने माल गोदाम पर मजदूरों एवं व्यापारियों के बैठने की समुचित व्यवस्था करने की मांग की। साथ ही सरवट फाटक पर लगने वाले जाम की समस्या का स्थायी समाधान कराने की आवश्यकता भी अधिकारियों के सामने रखी गई।
बैठक के दौरान कोरोना काल में बंद की गई ट्रेनों को पुनः संचालित करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। सांसद ने कहा कि इन ट्रेनों के संचालन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके। बैठक का सबसे चर्चित विषय आरपीएफ थाना प्रभारी के व्यवहार को लेकर व्यापारियों की शिकायत रही। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि आरपीएफ अधिकारी का व्यवहार उनके प्रति अभद्र और आपत्तिजनक रहा है। इस पर सांसद हरेन्द्र मलिक ने बैठक के दौरान ही आरपीएफ इंस्पेक्टर को कड़ी फटकार लगाई।
सूत्रों के अनुसार, सांसद और आरपीएफ इंस्पेक्टर के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने बैठक में ही सांसद के समक्ष चुनौतीपूर्ण रवैया अपनाया और बाद में बैठक छोड़कर चले गए। निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान भी वह अधिकारियों और प्रतिनिधिमंडल के साथ मौजूद नहीं रहे। सांसद ने वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए संबंधित अधिकारी के व्यवहार की शिकायत दर्ज कराई।
स्टेशन अधीक्षक पवन कुमार ने बताया कि सांसद हरेन्द्र मलिक के नेतृत्व में आयोजित बैठक में दिल्ली मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) त्रिभुवन मिश्रा और सीनियर डीईएन केके शर्मा ने भाग लिया। बैठक में स्टेशन से नई मंडी तक पैदल पार पुल के विस्तार, शालीमार एक्सप्रेस को कटरा तक तथा संगम एक्सप्रेस को मेरठ से सहारनपुर तक बढ़ाने की मांग भी उठाई गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जनहित और यात्री सुविधाओं से जुड़े सभी प्रस्तावों पर प्राथमिकता के आधार पर विचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सांसद ने कहा कि क्षेत्र के व्यापारियों, यात्रियों और आम जनता के हितों की रक्षा तथा रेलवे सुविधाओं के विस्तार के लिए उनके प्रयास लगातार जारी रहेंगे।






