उत्तर प्रदेश में सोमवार को मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। लखनऊ, बाराबंकी, हाथरस समेत पांच शहरों में तड़के बारिश हुई, जबकि अलीगढ़ और लखीमपुर में देर रात ओले गिरे। तेज हवा के साथ बूंदाबांदी से कुछ इलाकों में छोटे-छोटे पत्थरों जैसे ओले गिरने से लोग सतर्क हो गए।
मौसम के इस बदलाव से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बारिश और तेज हवाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में सरसों की फसलें गिर गई हैं। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश गेहूं, मसूर और चना की फसलों के लिए लाभकारी हो सकती है, जबकि सरसों और आलू की फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना है।
गोंडा, सुल्तानपुर समेत 25 से अधिक जिलों में बादल छाए हुए हैं और आगरा सहित करीब 25 जिले कोहरे की चपेट में हैं। पिछले 24 घंटों में बुलंदशहर 6 डिग्री सेल्सियस के साथ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश में अगले पांच दिनों तक बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसका असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अधिक रहने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिक के अनुसार, आने वाले दिनों में रात के तापमान में गिरावट थम सकती है और तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। 20 जनवरी के बाद कोहरे से राहत मिलने के आसार हैं। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी के कारण प्रदेश में ठंड का असर फिलहाल बना रहेगा।






