देहरादून। उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में लगातार बारिश से गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन का खतरा गंभीर हो गया है। गंगोत्री हाईवे (NH-34) धराली की ओर जाता है, जहां इस महीने की शुरुआत में भयानक बाढ़ आई थी। वहीं, यमुनोत्री हाईवे (NH-134) के स्यानाचट्टी इलाके में बारिश के चलते एक अस्थायी झील बन गई है, जो मंदिर क्षेत्र के बेहद नजदीक है।
अधिकारियों ने बताया कि इस समय गंगोत्री और यमुनोत्री मार्गों पर कुल 23 सक्रिय खतरे वाले स्थान (Active Danger Spots) मौजूद हैं। पिछले साल इनकी संख्या 16 थी। गंगोत्री हाईवे पर खतरे वाली जगहों की संख्या 10 से बढ़कर 15 हो गई है। धरासू, नलूपानी, नलुना और डाबरानी नए भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र के रूप में सामने आए हैं।
इसी तरह, यमुनोत्री हाईवे पर पहले से मौजूद 6 डेंजर स्पॉट्स के अलावा कल्याणी और जंगलचट्टी को भी अब खतरे की श्रेणी में शामिल किया गया है। लगातार बारिश और पहाड़ों से गिर रहे मलबे के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है और यात्रियों को सावधानी बरतने की अपील की गई है।