खतौली/ मुजफ्फरनगर। खतौली तहसील सभागार में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य सपना कश्यप ने गर्भवती महिलाओं की गोदभराई कर उन्हें शुभकामनाएं दीं और फल एवं स्वादिष्टाहार वितरित किए। इसके बाद उन्होंने जनसुनवाई कर महिलाओं की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को एक सप्ताह के भीतर कार्यवाही रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
सपना कश्यप ने उन्हें महिला आयोग की ओर से बधाई दी और मातृत्व के इस विशेष समय में स्वास्थ्य व पोषण को प्राथमिकता देने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल नारे से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने से ही संभव है।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में जनसुनवाई का आयोजन हुआ, जिसमें महिलाओं ने अपने-अपने मुद्दों से जुड़े प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए। सपना कश्यप ने प्रत्येक महिला की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी मामलों में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बरती जाए। इस अवसर पर सपना कश्यप ने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और सम्मान के लिए गंभीर है। यदि किसी महिला के साथ अन्याय हुआ है, तो वह महिला आयोग से सीधे संपर्क कर सकती है। आयोग हर पीड़िता की आवाज़ बनेगा। जनसुनवाई के अंत में सपना कश्यप ने विश्वास दिलाया कि हर महिला को न्याय मिलेगा और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार, सीडीपीओ अतेंद्र सिंह, संतोष कुमार शर्मा, जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार, सीओ फुगाना रूपाली, महिला थानाध्यक्ष संगीता चौधरी, वन स्टॉप सेंटर प्रभारी पूजा नरूला, एसडीएम राजकुमार भारती, सीओ राम आशीष यादव, पीएचसी बडसू प्रभारी डॉ. शताक्षी और तहसीलदार सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहें

प्रयागराज में शंकराचार्य शिविर के बाहर तनाव, नारेबाजी के बाद सुरक्षा बढ़ी
प्रयागराज। माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच पिछले सात दिनों से चला आ रहा विवाद शनिवार रात और गहरा गया। देर रात एक संगठन से जुड़े 10 से 15 युवक भगवा झंडे लेकर शंकराचार्य के शिविर के बाहर पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी। हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब कुछ लोगों ने शिविर के भीतर प्रवेश करने की कोशिश की। सूत्रों के अनुसार, युवकों ने “सीएम योगी जिंदाबाद” और “आई लव बुलडोजर” जैसे नारे लगाए। इस दौरान शंकराचार्य के शिष्यों और वहां मौजूद सेवकों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई। करीब 15 मिनट तक शिविर के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। इसे





