योगी आदित्यनाथ की मां पर टिप्पणी को लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भारी आक्रोश देखने को मिला। हजरतगंज चौराहे पर युवाओं और छात्र नेताओं ने प्रदर्शन करते हुए आरोपी मौलाना अब्दुल्ला सलीम का पुतला फूंका और उसकी जल्द गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चार दिन का अल्टीमेटम भी दिया है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी मौलाना के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व छात्र नेता और अधिवक्ता अनुराग तिवारी ने बताया कि बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम ने एक सार्वजनिक मजहबी जलसे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माताजी के संबंध में अभद्र और उकसाने वाली भाषा का प्रयोग किया। आरोप है कि यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश में लागू गोकशी विरोधी कानून के खिलाफ मुस्लिम समुदाय को भड़काने के उद्देश्य से की गई। इस बयान के बाद प्रदेश में व्यापक नाराजगी देखी जा रही है।
अनुराग तिवारी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की माता के खिलाफ इस प्रकार की अमर्यादित टिप्पणी न केवल सामाजिक मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि यह सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती भी है। हजरतगंज चौराहे पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने सरकार से मांग की कि आरोपी मौलाना के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि अगले चार दिनों के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होती, तो आंदोलन केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। इस दौरान युवाओं ने मुख्यमंत्री की माताजी की सुरक्षा बढ़ाने की भी मांग उठाई।
इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष रवि कुमार मिश्रा की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी मौलाना के खिलाफ कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया है। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि बिहार के मौलाना अब्दुल सलीम ने एक मजहबी जलसे के दौरान योगी आदित्यनाथ और उनकी माता के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की और गोकशी से संबंधित कानून के विरोध में समुदाय को उकसाने की कोशिश की। कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि आरोपी की गिरफ्तारी तक उनका विरोध जारी रहेगा।






