दिल्ली में संजीव बालियान के चुनाव की गूंज , भाजपा के भीतर प्रतिष्ठा की टक्कर

नई दिर्ल्ली। राजधानी दिल्ली में स्थित संविधान क्लब ऑफ इंडिया के आगामी चुनाव को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। भाजपा के दो वरिष्ठ नेता संजीव बालियान और राजीव प्रताप रूडी आमने-सामने हैं, जिससे यह मुकाबला केवल एक संस्थागत चुनाव न रहकर पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन का संकेतक बन गया है।

संविधान क्लब, जो देश के सांसदों, पूर्व मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और बुद्धिजीवियों का प्रमुख सामाजिक मंच है, 12 अगस्त को अपने नए पदाधिकारियों का चुनाव करेगा। लगभग 1,200 मतदाता, जिनमें संसद सदस्य, पूर्व सांसद, नौकरशाह, वरिष्ठ अधिवक्ता और अन्य प्रतिष्ठित सदस्य शामिल हैं, इस चुनाव में भाग लेंगे। इसमें पीएम मोदी और अमित शाह भी वोट डालेंगे।

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संजीव बालियान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर से पूर्व सांसद हैं और दो बार केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुके हैं। उनकी छवि एक जमीनी, किसान-समर्थक नेता की है, और भाजपा संगठन में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वहीं राजीव प्रताप रूडी बिहार से पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। पेशे से पायलट रूडी शहरी और शिक्षित तबके के प्रभावशाली प्रतिनिधि माने जाते हैं। दिल्ली की राजनीतिक-सामाजिक संस्कृति में उनकी सक्रियता लंबे समय से बनी हुई है। दोनों नेता इन दिनों संविधान क्लब के सदस्यों से संपर्क साधने में जुटे हैं। व्यक्तिगत मुलाकातें, अनौपचारिक बैठकें, चाय-चर्चा और फोन कॉल्स के ज़रिये समर्थन जुटाया जा रहा है। दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित कार्यक्रमों और भोजों में भी चुनाव की चर्चा तेज़ है।

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राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चुनाव भाजपा के भीतर संगठनात्मक शक्ति और नेटवर्किंग क्षमता का परोक्ष परीक्षण बन गया है। संजीव बालियान जहां ग्रामीण और किसान पृष्ठभूमि से जुड़ी राजनीति का प्रतिनिधित्व करते हैं, वहीं राजीव प्रताप रूडी भाजपा के शहरी, नीतिगत और प्रशासनिक पक्ष को सामने रखते हैं। 12 अगस्त को होने वाला मतदान केवल संविधान क्लब के नेतृत्व का निर्धारण नहीं करेगा, बल्कि भाजपा के आंतरिक समीकरणों और नेतृत्व की प्राथमिकताओं की दिशा भी तय कर सकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि दिल्ली की राजनीतिक और प्रशासनिक लॉबी में किसकी पकड़ अधिक मजबूत साबित होती है। यह चुनावी दिल्ली में भाजपा में शक्ति परीक्षण की सीधी टक्कर भी साबित होगा। इसमें जीत और हार से यह भी साबित होगा कि दिल्ली भाजपा में संजीव बालियान का कितना असरदार कद बना हुआ है। 

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