MUZAFFARNAGAR-भीषण गर्मी में कूड़े से सड़ रहा पूरा शहर

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् के साथ शहरी सफाई व्यवस्था के लिए काम कर रही निजी क्षेत्र की कंपनी एमआईटूसी सिक्योरिटी एण्ड फैसिलिटी प्रा. लि. का अनुबंध समाप्त हो जाने के बाद सफाई व्यवस्था चौपट होती नजर आ रही है। शहर में एक सप्ताह से डालवघरों की सफाई के लिए नगरपालिका परिषद् को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। पुरानी कंपनी के वाहन हैंड ओवर नहीं करने के कारण नई कंपनी के द्वारा पालिका के साथ काम शुरू नहीं किया जा रहा है। ऐसे में भीषण गर्मी के बीच ही डालवघरों में कूड़ा सड़ रहा है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहर के सभी डलावघर कूड़े से भरे नजर आ रहे हैं, अस्पताल डलावघर में हालात बेहद खराब हैं।

शहर में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन और डलाव घरों से कूड़ा निस्तारण का काम ठप हो गया। एमआईटूसी कंपनी ने पालिका के साथ अनुबंध खत्म हो जाने के बाद कार्य बिल्कुल बंद कर दिया गया है। नई कंपनी जेएस एनवायरो प्रा. लि. के द्वारा काम शुरू करने के लिए पालिका से वाहनों की डिमांड की गई, लेकिन पालिका वाहन उपलब्ध नहीं करा पा रही है, ऐसे में शहरी सफाई व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। शहर के लगभग सभी डलावघर कूड़े से भरे पड़े हैं और कूड़ा-करकट लोगों के घरों के सामने तथा मुख्य मार्ग पर पड़ा व्यवस्था का मुंह चिढ़ा रहा है।

जिला अस्पताल का डलावघर ज्यादा भयावह बना हुआ है। यहां लद्दावाला की ओर जाने वाले मार्ग पर सरकारी विद्यालय तक कूड़ा सड़क पर पड़ा नजर आ रहा है। लोगों को गन्दगी और इससे होने वाली सड़न के कारण न तो दिन में चैन और न ही रात को सुकून मिल पा रहा है। डलावघर के पास ही निवास करने वाले काजी जुनैद अहमद और उनके साथ आसपास के लोगों ने आज डलावघर पहुंचकर प्रदर्शन भी किया। उन्होंने बताया कि जिला महिला अस्पताल, एक प्राइमरी स्कूल और एक बालिकाओं के लिए इस्लाहुल ख्वातीन विद्यालय यहां होने के बावजूद भी पालिका प्रशासन इस डलावघर को बंद नहीं करा पा रहा है। उनके बच्चे गर्मी में इस गन्दगी के कारण बीमार होने लगे हैं। वो आक्रोशित नजर आये कहा कि कई दिनों से यहां गन्दगी का अम्बार है। सफाई नहीं हो पाती है। आज तो कूड़ा सड़क को भी पार कर रहा है।

शहरी सफाई व्यवस्था के बिगड़ने पर चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को दो दिन में व्यवस्था ठीक कराने के लिए कड़ी चेतावनी दी है। इसके बाद ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और दोपहर बाद अस्पताल डलावघर पर पालिका ने कर्मचारी लगाकर सफाई कार्य शुरू कराया, लेकिन गन्दगी का साम्राज्य यहां बना रहा।

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एमआईटूसी ने वाहन देने से किया इंकार, डुप्लीकेट चाबी निकलवाई

मुजफ्फरनगर नगरपालिका परिषद् के साथ सफाई व्यवस्था के लिए अनुबंध के आधार पर काम करने वाली एमआईटूसी सिक्योरिटी एण्ड फैसिलिटीज प्रा. लि. ने काम बंद करने के बाद भी पालिका को वाहन हैंडओवर करने से इंकार कर दिया है, जिससे नई कंपनी काम नहीं कर पा रही है। ऐसे में कंपनी के खिलाफ पालिका ने कार्यवाही करने की तैयारी की है।

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नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार ने बताया कि एमआईटूसी ने काम बंद कर दिया है। नई कंपनी जेएस एनवायेरो को टैण्डर हो चुका है। एमआईटूसी को पालिका ने काम करने के लिए 77 छोटे गारबेज टिपर वाहनों के साथ ही 28 बड़े वाहन सौंपे थे, जिनमें पांच जेसीबी, 11 डम्फर और बुल लोडर टैªक्टर तथा ट्राली आदि शामिल हैं। काम बंद करने के बाद एमआईटूसी पालिका को वाहन हैंड ओवर नहीं कर रही है। चालकों से चाबियां भी लेकर रख ली हैं। कंपनी ने चादी देने से इंकार कर दिया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से स्टोर से वाहनों की डुप्लीकेट चाबियां निकलवाई गई हैं, उनको नई कंपनी जेएस एनवायरो के सुपरवाइजर नीलेश कुमार को सौंप दिया गया है। कंपनी को गैराज से सभी छोटे बड़े वाहन निकालने की स्वीकृति दी गई है। यदि एमआईटूसी ने वाहन देने में अडंगा लगाया तो कानूनी कार्यवाही भी की जायेगी।

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एमआईटूसी के प्रोजेक्ट मैनेजर ओम प्रकाश दूबे ने बताया कि पालिका ने कंपनी ने अपना अपै्रल और मई माह के लिए विस्तार का भुगतान मांगा है। यह भुगतान पालिका नहीं कर रही है। इसी कारण वाहन हैंड ओवर नहीं किये गये हैं। सिक्योरिटी मनी के रूप में भी पालिका का कंपनी की ओर एक करोड़ से अधिक का भुगतान बकाया है। पैसा नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों का वेतन लंबित चल रहा है। हम लगातार अपना भुगतान मांग रहे हैं। पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने कहा कि एमआईटूसी कंपनी ने वाहनों को हैंड ओवर नहीं किया है, दो माह का बिल बोर्ड की स्वीकृति नहीं होने के कारण रूका है। एमआईटूसी कंपनी को सेवा विस्तार स्वीकृत नहीं हुआ है। मार्च 2025 तक अनुबंध था। अपै्रल और मई में सेवा विस्तार दिया गया था। एमआईटूसी को भुगतान करने के लिए कंपनी से कर्मचारियों के वेतन और देय बकाया नहीं रहने की जानकारी भी मांगी गई है। इस सम्बंध में नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार को समाधन के लिए आदेशित किया गया है। सोमवार को कंपनी के साथ मीटिंग बुलाई गई है। 

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