सीधी बात-25 जून के बाद प्रदूषण मिला तो किसान करेंगे बड़ा आंदोलन

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन द्वारा 28 मई 2025 से चल रहा धरना आज बिजली विभाग व प्रदूषण विभाग के अधिकारियों द्वारा सभी समस्याओं के समाधान के ठोस आश्वासन पर समाप्त किया गया।

मखियाली बिजली घर से संबंधित सभी गांव में बिजली की बाधित आपूर्ति ,बिजली की असमय कटौती, स्मार्ट मीटर और गांव में असमय और अनर्गल रूप से की जा रही छापेमारी और अनर्गल बिलों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन ब्लॉक अध्यक्ष सदर गुलशन चौधरी और तहसील अध्यक्ष सदर देव अहलावत के नेतृत्व में दिनांक 28 में 2025 को अनिश्चित कालीन धरना शुरू किया गया, जिसको लेकर बिजली विभाग और प्रशासन में हलचल शुरु हो गई आज भारतीय किसान यूनियन जिला अध्यक्ष चौधरी नवीन राठी भी जिला मिडिया प्रभारी चौधरी शक्ति सिंह सहित धरना स्थल पर पहुंच गए जिसके फल स्वरुप आज बिजली विभाग के संबंधित अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और साथ ही प्रदूषण विभाग के अधिकारियों को भी धरना स्थल पर ही बुला लिया गया और भोपा रोड पर फैक्ट्रीयों द्वारा उत्पन्न हो रहे प्रदूषण के बारे में अवगत कराया गया।

बिजली विभाग के अधिकारियों द्वारा भाकियू कार्यकर्ताओं और किसानों द्वारा मांगी गई सभी मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया गया इन मांगों को लेकर संबंधित अधिकारियों को जिला अध्यक्ष चौधरी नवीन राठी सहित पदाधिकारीयों द्वारा एक ज्ञापन भी प्रेषित किया गया और प्रदूषण विभाग को सीधी सीधी चेतावनी दी गई की 25 जून 2025 तक क्षेत्र में फैले प्रदूषण की रोकथाम के लिए आवश्यक कार्यवाही नहीं की गई तो 25 जून के बाद प्रदूषण विभाग के खिलाफ एक बडे आंदोलन का बिगुल फूंक दिया जाएगा जिसकी ज़िम्मेदारी प्रदुषण विभाग व प्रशासन की होगी। इस अवसर पर मुख्य रूप से मोनू ठाकुर युवा ब्लॉक अध्यक्ष सदर सुमित चौधरी हैप्पी बालियान नवीन चौधरी रामपाल सिंह तारीक प्रधान हेमेंद्र डब्बू एहसान त्यागी इस्तकार त्यागी अरुण चौधरी सचिन चौधरी बिट्टू प्रधान मेघाखेडी संजय चौधरी परवेंद्र चौधरी डाक्टर अनीस राणा शाहलाम खान अब्दुल समद हम्माद सैय्यद नौमान गॉड रुस्तम चौधरी आदि के साथ साथ सैंकड़ों किसान कार्यकर्ता पदाधिकारी और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

इसे भी पढ़ें:  MUZAFFARNAGAR-प्रबुद्धजनों से सीधा संवाद करेंगे सीएम योगी आदित्यनाथः डाॅ. सुधीर सैनी

Also Read This

ड्राइविंग लाइसेंस के लिए फॉर्म 6 भरना अनिवार्य

मैनपुरी में अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने से पहले फॉर्म 6 भरना अनिवार्य कर दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवक-युवतियों को लाइसेंस आवेदन से पहले नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराना होगा। यदि आवेदक फॉर्म 6 नहीं भरता है तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनेगा। परिवहन विभाग ने यह पहल जनपद में नए मतदाताओं की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से 21 फरवरी से शुरू की है। अब तक करीब 75 से अधिक युवाओं ने नए मतदाता बनने के लिए आवेदन किया है। क्यों किया गया फॉर्म 6 भरना अनिवार्य? जनपद में एसआईआर प्रक्रिया के साथ-साथ नए मतदाता बनाने का अभियान चल

Read More »

पुरकाजी के विकास को 21 करोड़ का बजट लाए जहीर फारूकी

पुरकाजी नगर पंचायत बोर्ड बैठक में हुआ 21 करोड़ का बजट सर्वसम्मति से पारित, ईद-होली की तैयारियों, विकास कार्यों और जनगणना व फैमिली आईडी पर चर्चा मुजफ्फरनगर। नगर पंचायत पुरकाजी की बोर्ड बैठक में चेयरमैन जहीर फारूकी के विजन विकास पर आधारित एजेंडा पारित यिका गया। इसमें वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 21 करोड़ रुपये की अनुमानित आय और 22 करोड़ 47 लाख रुपये के व्यय का बजट सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। बैठक में आगामी त्योहारों की तैयारियों, विकास कार्यों, जनगणना के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण तथा परिवार पहचान पत्र (फैमिली आईडी) बनाने और स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। इसे भी पढ़ें: 

Read More »

खतौली मंगलसूत्र चोरी से महिला दहशत में

खतौली मंगलसूत्र चोरी का मामला सामने आया है, जहां रसम पगड़ी में शामिल होने जा रही एक महिला से ई-रिक्शा में सफर के दौरान मंगलसूत्र चोरी कर लिया गया। घटना के बाद से क्षेत्र में दहशत का माहौल है और पुलिस जांच में जुट गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पारूल पत्नी अभिषेक, निवासी नई मंडी, मुजफ्फरनगर, अपने परिवार के साथ बस से खतौली पहुंची थीं। कैसे हुई खतौली मंगलसूत्र चोरी? खतौली चौराहे से पारूल फलावदा रोड की ओर रसम पगड़ी में शामिल होने के लिए ई-रिक्शा में सवार हुईं। उसी ई-रिक्शा में दो अन्य महिलाएं भी बैठीं। आरोप है कि सफर के दौरान उन्हीं दोनों महिलाओं ने मौका पाकर

Read More »

न्यायपालिका में ‘भ्रष्टाचार’ पर अध्याय वाली एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक पर प्रतिबंध 

नयी दिल्ली- उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद की कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की उस पाठ्यपुस्तक के पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है, जिसमें न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का संदर्भ दिया गया था। न्यायालय ने प्रचलन में मौजूद किताबों की प्रतियों को तुरंत जब्त करने का निर्देश दिया और इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर अनुपालन रिपोर्ट मांगी। न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह एनसीईआरटी के निदेशक और उन सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी जहां यह किताब पहुंची है। उन्हें अपने परिसर में मौजूद किताब की सभी प्रतियों को तुरंत जब्त कर

Read More »