एम.जी. पब्लिक स्कूल में मना बैगलेस डे, बच्चों ने जमकर की मौज-मस्ती

मुजफ्फरनगर। एम.जी. पब्लिक स्कूल में बच्चों को बस्ते के भारी बोझ से निजात दिलाकर खेल-खेल में व्यवहारिक ज्ञान की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय बैगलेस डे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें नर्सरी से कक्षा 2 के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ प्रतिभाग करते हुए खेल एवं कला सहित अन्य गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का सहरानीय प्रदर्शन किया।

एम.जी. पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने बताया कि विद्यालय के प्राइमरी विंग में नर्सरी से कक्षा-2 तक के छात्र-छात्राओं के लिए दो दिवसीय बैगलेस-डे का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों को बिना बैग और किताबों के भी ज्ञान हासिल करने के लिए प्रेरित करते हुए उनको खेल ही खेल में सीखने के लिए जागरुक किया गया। इस दौरान कक्षाओं का वातावरण भी मौज मस्ती और हंसी-खुशी भरा रहा। विद्यार्थियों ने किताबों के तनाव से अलग मस्ती भरे वातावररण में रचनात्मकता और व्यावहारिक शिक्षा से भरपूर बैगलेस डे का पूरा आनंद लिया।

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इस दौरान बच्चों को बेलैंसिंग, नॉन फायर कुकिंग, कला, क्राफ्ट, गेम्स और कहानियों के साथ ही अन्य गतिविधियों में शामिल करते हुए उनको बिना किताबों के व्यवहारिक ज्ञान दिया गया। इस प्रोग्राम के सहारे बच्चों ने खेल और कला के माध्यम से सीखने की अपनी प्रतिभा को निखारा और पेपर फोल्ड के सहारे बोट, कैट, डॉग और हाउस आदि बनाये। इसके साथ ही उनको व्यवहारिक ज्ञान सिखाने वाले विभिन्न प्रकार के खेल गतिविधियों में शामिल किया गया। उनको अपनी भावनाओं को नियंत्रित करना, संतुलन बनाना और तनाव मुक्त रहने के लिए भी प्रशिक्षित किया गया। इसके साथ ही कला के माध्यम से बच्चों ने सुन्दर चित्र बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। नॉन फायर कुकिंग के सहारे बच्चों को फल और सब्जी की सलाद, नींबू पानी, शरबत आदि बनाना सिखाया गया।

प्रधानाचार्या श्रीमती मोनिका गर्ग ने अपने संदेश में कहा कि बच्चों के लिए यह एक ऐसा स्वप्निल अवसर था, जबकि वो अपने भारी स्कूल बैग के बोझ से मुक्त रहकर पाठयपुस्तकों और नोट बुक के बजाये खेल, कला, नृत्य और भिन्न-भिन्न गतिविधियों के सहारे सीखने की अपनी प्रतिभा को और सक्षम बनाने के लिए उत्साह और आनंद से परिपूर्ण नजर आते हैं। बैगलेस डे कार्यक्रम का उद्देश्य, छात्रों को भारी बैग और पाठयपुस्तकों के तनाव से राहत देने के साथ-साथ बच्चों में रचनात्मकता, संवाद क्षमता और जीवन कौशल का विकास करना है। इसके सहारे सीखने को अधिक रुचिकर और कक्षाओं का वातावरण तनाव मुक्त बनाना है। बच्चों ने दो दिवसीय कार्यक्रम में मौज मस्ती के बीच ही अपनी रचनात्मकता को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में प्राइमरी विंग की शिक्षिकाओं और स्टाफ का सराहनीय सहयोग रहा।

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