लखनऊ- राज्य सरकार के स्पष्ट आदेश के बावजूद राज्यकर्मी संपत्तियों का ब्यौरा मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन देने में आनाकानी कर रहे हैं। संपत्तियों का ब्यौरा देने की अंतिम तिथि 31 जनवरी है, लेकिन 30 जनवरी तक मात्र 52 फीसदी कर्मियों ने इसकी जानकारी ऑनलाइन की है। संपत्तियों का ब्यौरा तय समय पर न देने वालों की पदोन्नति के साथ वेतन रोकने की भी तैयारी है। कार्मिक विभाग इस संबंध में जल्द ही स्पष्ट आदेश जारी करने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश में 8.32 लाख राज्य कर्मचारी हैं। इनमें से मात्र 4.33 लाख कर्मियों ने ही संपत्तियों का ब्यौरा दिया है। यह करीब 52 फीसदी के आसपास है। शासन के सूत्रों के मुताबिक, संपत्तियों का ब्यौरा न देने वाले कर्मियों के संबंध में 1 फरवरी के बाद सख्त आदेश जारी करते हुए कार्रवाई की जा सकती है।
मुजफ्फरनगर: भाजपा नेताओं पर आफत, कस रहा कानूनी शिकंजा
मुजफ्फरनगर। अपै्रल माह की बात करें तो भाजपा नेता होने का दावा करने वाले लोगों पर योगीराज में कानूनी शिकंजा भी खूब कस रहा है। कानून के शिकंजे में भाजपा नेताओं का यह तीसरा केस है। अभी हाल ही में जब 13 अपै्रल को सीएम योगी आदित्यनाथ का जनपद में दौरा प्रस्तावित हुआ तो अहिल्याबाई होल्कर स्मारक का लोकार्पण कार्यक्रम भी तय हुआ, इसके लिए नगरपालिका की ओर से कच्ची सड़क का निर्माण कार्य रातों रात कराया जा रहा था। यहां पहुंचे तथाकथित भाजपा नेता अभिषेक शर्मा ने भी शराब के नशे में रात को खूब हंगामा करते हुए सड़क निर्माण कार्य में बाधा पहुंचाई और पुलिस कर्मियों के साथ





