हज़रतबल दरगाह में अशोक चिह्न पर बवाल, पत्थरबाज़ी और राजनीतिक बयानबाज़ी तेज

जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर स्थित हज़रतबल दरगाह में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब दरगाह के मुख्य प्रार्थना कक्ष के बाहर लगी पट्टिका पर बने अशोक चिह्न को कुछ लोगों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। पत्थरों से लैस भीड़ ने नारेबाज़ी करते हुए राष्ट्रीय प्रतीक पर हमला किया, जिसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।

बीजेपी नेता दरख्शां अंद्राबी का कड़ा बयान

जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष और बीजेपी नेता दरख्शां अंद्राबी ने इस घटना को आतंकी हमला करार दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल पत्थरबाज़ी नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं और संविधान के अनुयायियों की भावनाओं पर हमला है। अंद्राबी ने बताया कि इस हमले में उनकी पार्टी का एक प्रशासक बाल-बाल बच गया।

इसे भी पढ़ें:  एयर इंडिया AI-887 की इमरजेंसी लैंडिंग, टेक-ऑफ के बाद बंद हुआ दाहिना इंजन

उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों की पहचान होते ही उन्हें आजीवन दरगाह में प्रवेश से प्रतिबंधित किया जाएगा और एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नेशनल कॉन्फ्रेंस पर आरोप

अंद्राबी ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के कार्यकर्ता इस कृत्य में शामिल थे। उन्होंने कहा कि एनसी अपने पत्थरबाज़ी वाले पुराने खेल पर लौट आई है। अंद्राबी ने सवाल उठाया कि जो लोग राष्ट्रीय प्रतीक वाले नोट अपनी जेब में रखते हैं, वे अब उसकी अवमानना कैसे कर सकते हैं।

इसे भी पढ़ें:  सिंधु जल संधि के बाद भारत का बड़ा दांव, चिनाब नदी पर 1856 MW का मेगा हाइड्रो प्रोजेक्ट

एनसी का पलटवार

वहीं, एनसी के मुख्य प्रवक्ता और ज़दीबल से विधायक तनवीर सादिक ने पलटवार करते हुए कहा कि अंद्राबी को धार्मिक भावनाओं का सम्मान न करने के लिए शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस्लामी तौहीद (एकेश्वरवाद) के अनुसार, किसी भी धार्मिक स्थल के भीतर मूर्ति रखना उचित नहीं है। उनका कहना था कि हज़रतबल दरगाह एक धार्मिक स्थल है, कोई सरकारी इमारत नहीं, इसलिए यहां मूर्ति या राष्ट्रीय प्रतीक जैसी चीजें नहीं लगाई जानी चाहिए।

इसे भी पढ़ें:  दिल्ली में 1 नवंबर से BS-VI से पुराने वाहनों की एंट्री बैन | सिर्फ CNG, LNG और EV वाहनों को अनुमति

हाल ही में हुआ था नवीनीकरण

गौरतलब है कि इस सप्ताह की शुरुआत में वक्फ बोर्ड ने करोड़ों रुपये की लागत से हज़रतबल दरगाह का नवीनीकरण और सजावट पूरी की थी। इसका उद्घाटन दरख्शां अंद्राबी ने किया था और दावा किया था कि इस पर खर्च की गई रकम किसी से उधार लिए बिना बोर्ड ने खुद वहन की।

शुक्रवार को ईद-ए-मिलाद (पैगंबर मोहम्मद का जन्मदिन) के अवसर पर घाटी भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु हज़रतबल दरगाह पहुंचे और धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए।

Also Read This