मदरसे में कुकर्म के बाद नाबालिग छात्र की हत्या, 5 हिरासत में

 

भुवनेश्वर। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और वहां से नमूने एकत्र किए। गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। आरोपी 12 से 15 साल की उम्र के हैं और उन पर पोक्सो अधिनियम, 2012 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। ओडिशा के नयागढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। दरअसल मदरसा में पढ़ने वाले नाबालिग छात्रों ने पहले वर्षों तक पीड़ित नाबालिग छात्र के साथ कुकर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में पांच नाबालिग आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी नाबालिग छात्र 12 से 15 साल की उम्र के हैं। पीड़ित कटक जिले का रहने वाला था और नीलापल्ली स्थित एक मदरसे में पढ़ता था। मृतक के पिता की शिकायत के अनुसार, मदरसा परिसर में एक खाली पड़े बाथरूम में बच्चे की हत्या कर उसके शव को एक बेकार पड़े सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया। पुलिस ने बताया कि पीड़ित पर 31 अगस्त को एक वरिष्ठ छात्र ने कई बार पीटा, उसके अलावा दो अन्य छात्रों ने भी पीड़ित पर हमला किया और उसे मरा हुआ समझकर सेप्टिक टैंक में छोड़ दिया। लड़का उस रात किसी तरह बच निकला, लेकिन 2 सितंबर को उसे दो छात्र फिर से उस जगह ले आए। कथित तौर पर, उन्होंने तीन अन्य छात्रों के साथ मिलकर उस पर हमला किया, उसका गला घोंट दिया और शव को टैंक में फेंक दिया। एक फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और वहां से नमूने एकत्र किए। गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। आरोपी 12 से 15 साल की उम्र के हैं और उन पर पोक्सो अधिनियम, 2012 और भारतीय न्याय संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। मदरसा ने आरोपी छात्रों के नाम अपनी सूची से हटा दिए हैं।

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ई-कार्ट लॉजिस्टिक्स कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि की उठाई मांग

मुजफ्फरनगर हब के डब्ल्यू/एम कर्मचारियों ने प्रबंधन को सौंपा सामूहिक आवेदन, मांग पूरी न होने पर काम छोड़ने की चेतावनी मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर स्थित ई-कार्ट लॉजिस्टिक्स (उत्तर प्रदेश हब) में कार्यरत डब्ल्यू/एम कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रबंधन को सामूहिक आवेदन पत्र सौंपा है। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से पूरी मेहनत, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन बढ़ती महंगाई और पारिवारिक जरूरतों के मुकाबले वर्तमान वेतन पर्याप्त नहीं है। इसे भी पढ़ें:  पश्चिम यूपी में हाईकोर्ट बेंच और कैंसर इंस्टीट्यूट समय की जरूरतः धर्मेन्द्र मलिकआवेदन में कर्मचारियों ने उल्लेख किया है कि वर्तमान में उन्हें प्रति पार्सल

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