यूरिया कालाबाजारी, गन्ना भुगतान, भ्रष्टाचार और काली नदी प्रदूषण समेत कई मुद्दों को लेकर चेतावनी, समाधान न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में किसान मजदूर संगठन ने किसानों और मजदूरों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन ने आरोप लगाया है कि प्रशासनिक स्तर पर बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। इसी को लेकर 2 जुलाई को बड़े प्रदर्शन की घोषणा की गई है।
किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने शनिवार को शहर के एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में किसानों और मजदूरों की समस्याओं को लेकर प्रशासन एवं सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जिले समेत प्रदेश के किसान लगातार विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि यूरिया वितरण व्यवस्था में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हो रही हैं। किसान घंटों लाइन में लगकर खाद लेने को मजबूर हैं, जबकि यूरिया की कालाबाजारी कर उसे दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है और खेती प्रभावित हो रही है।
उन्होंने काली नदी के बढ़ते प्रदूषण का मुद्दा भी उठाया और कहा कि प्रदूषण के कारण आसपास के क्षेत्रों की जनता और किसान प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी अनेक समस्याएं बनी हुई हैं और कई गांवों में लोगों को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। संगठन ने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान, थाना-कचहरी और तहसीलों में व्याप्त भ्रष्टाचार को भी प्रमुख मुद्दा बताते हुए कहा कि आम आदमी और किसान हर स्तर पर परेशान हो रहा है। ठाकुर पूरन सिंह ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग में कार्यरत एल एंड टी कंपनी के कार्यों में भी बड़े स्तर पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार सामने आ रहे हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इन सभी मुद्दों को लेकर किसान मजदूर संगठन पूर्व में भी बेमियादी आंदोलन कर चुका है। उस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों तथा जिलाधिकारी द्वारा समस्याओं के समाधान और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यही कारण है कि संगठन को पुनः आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने घोषणा की कि किसानों और मजदूरों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर 2 जुलाई को किसान मजदूर संगठन द्वारा बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो संगठन अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।





