मीनाक्षी स्वरूप की बड़ी पहलः 125 इलेक्ट्रिक-सीएनजी वाहन स्वच्छता सेवा में समर्पित

5.30 करोड़ की लागत से खरीदे गए पर्यावरण अनुकूल वाहन, डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण होगा तेज, हर वार्ड तक और मजबूत होगी सफाई व्यवस्था

मुजफ्फरनगर। नगरीय स्वच्छता सेवा में लगातार नई उपलब्धियों के साथ जनता के हित को समर्पित नगरपालिका परिषद् की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप द्वारा पहली बार डीजल रहित स्वच्छता सेवा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहरी स्वच्छता में इलेक्ट्रिक और सीएनजी आधारित वाहनों को बढ़ावा दिए जाने की नीति के अन्तर्गत नगरपालिका ने पर्यावरण अनुकूल हरित ऊर्जा आधारित 125 वाहन पहले प्रयास में सड़कों पर उतारकर स्वच्छता सेवा को समर्पित किए हैं। ये वाहन न केवल प्रदूषण को कम करेंगे, बल्कि ईंधन की बचत के साथ आर्थिक रूप से भी पालिका को मजबूत बनाएंगे।

पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने सभासदों, ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह और विभागीय अधिकारियों के साथ शनिवार को इन वाहनों का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि शहरी स्वच्छता सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए 70 सीएनजी चालित टिपर गारबेज वाहनों को डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में लगाया जा रहा है। इससे शहर में कूड़ा उठान की गति बढ़ेगी और सफाई व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी। इसके साथ ही 55 ई रिक्शा को भी सेवा में शामिल किया गया है। पहले जहां बड़े वाहन कई गलियों तक नहीं पहुंच पाते थे, वहीं अब ई-रिक्शा के माध्यम से घर-घर से कूड़ा संग्रहण संभव होगा। इससे डोर-टू-डोर कलेक्शन प्रणाली और अधिक मजबूत होगी इसके साथ ही छोटी गलियों में सफाई व्यवस्था की समस्या का समाधान भी होगा।

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उन्होंने कहा कि नगरपालिका की इस पहल को स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हम सभी के समन्वित प्रयास के कारण शहर स्वच्छता रैंकिंग में 264वें स्थान से 36वें स्थान तक पहुंच चुका है, और अब इस नई व्यवस्था से और सुधार की उम्मीद करते हुए हमारा प्रयास है कि हम संयुक्त प्रयासों को सार्थक बनाकर इस शहर को यूपी में नम्बर वन बना पायें। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के ‘क्लीन सिटी, ग्रीन सिटी’ संकल्प को साकार करने के लिए पालिका द्वारा यह कदम उठाया गया है। हरित ऊर्जा आधारित स्वच्छता मॉडल अपनाकर शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने और नागरिकों को साफ वातावरण देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। आगामी दिनों में पालिका में सीएनजी और इलेक्ट्रिक मोड बेस वाहन और भी खरीदे जाने की योजना है। इससे पालिका को डीजल पर निर्भरता कम होने के साथ ही आर्थिक मजबूती भी मिलेगी।

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ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि नगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग की ग्रांट से इन 125 वाहनों की खरीद की गई है। इन पर करीब 5.30 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं। 55 ई रिक्शा करीब 1.80 करोड़ रुपये और 70 सीएनजी टिपर गारबेज वाहनों की खरीद पर पालिका ने करीब 3.50 करोड़ रुपये खर्च किये हैं। ई-रिक्शा और सीएनजी टिपर वाहनों को चरणबद्ध तरीके से संचालन में लाया जाएगा, जिससे पूरे शहर में सफाई व्यवस्था का दायरा और अधिक व्यापक हो सके। इस पहल के साथ ही शहर में गंदगी पर नियंत्रण, डीजल की खपत में कमी और वायु प्रदूषण में गिरावट की उम्मीद जताई जा रही है। नगरपालिका प्रशासन का यह प्रयास स्वच्छ, स्वस्थ और पर्यावरण अनुकूल मुजफ्फरनगर शहर की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा और इससे स्मार्ट सिटी की परिकल्पना भी सार्थक होगी।

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इस अवसर पर मुख्य रूप से सभासद मनोज वर्मा, नवनीत गुप्ता, प्रशांत गौतम, मोहित मलिक, योगेश मित्तल, शौकत अंसारी, मौहम्मद खालिद, अब्दुल सत्तार, देवेश कौशिक, विजय कुमार चिंटू, सतीश कुकरेजा, अमित पटपटिया, मौहम्मद शहजाद, नौशाद पहलवान, सभासदपति राहुल पंवार, फकरूदीन, हसीब राणा, मौहम्मद सलीम, सलेकचंद मौजूद रहे। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय प्रताप शाही और जेएस एनवायरो सर्विसेज प्रा. लि. के प्रोजेक्ट हैड नीतेश चौधरी ने पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप व ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह का बुके देकर स्वागत किया। यहां मुख्य रूप से सफाई निरीक्षक प्लाक्षा मैनवाल, वैशाली सोती, लिपिक गगन महेन्द्रा, आकाशदीप, संदीप यादव, रूचि शर्मा, दुष्यंत चौधरी और मौहम्मद सालिम सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।

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