नेपाल हिंसा में फंसे भाजपा नेता सहित तीन जिलों के तीर्थयात्री सकुशल लौटे

परिजनों में खुशी की लहर, भारत सरकार और मंत्री कपिल देव अग्रवाल का जताया आभार

मुजफ्फरनगर। नेपाल में हाल ही में भड़की हिंसा के दौरान काठमांडू में फंसे मुजफ्फरनगर, बागपत और बिजनौर जनपद के दस तीर्थयात्रियों का संकट समाप्त हो गया है। सभी यात्री सकुशल भारत लौट आए हैं। मुजफ्फरनगर के भाजपा नेता सुनील तायल सहित कुल दस तीर्थ यात्री नेपाल में भगवान पशुपतिनाथ की यात्रा पर गए थे, जो वहां के बिगड़े हालात के चलते होटल में फंसे हुए थे।

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परिजनों ने दिल्ली एयरपोर्ट पर सभी यात्रियों का स्वागत किया, जहां भावुक माहौल में खुशी और राहत देखने को मिली। भाजपा नेता सुनील तायल ने जानकारी दी कि भारतीय दूतावास की सहायता से उन्हें होटल से निकालकर एयरपोर्ट पहुंचाया गया और फिर भारत सरकार द्वारा भेजे गए विमान से दिल्ली लाया गया। दिल्ली से वे सड़क मार्ग द्वारा सुरक्षित अपने घर पहुंचे। सुनील तायल ने बताया कि वे 7 सितंबर को भगवान श्री पशुपतिनाथ, मुक्तिनाथ और कासवेनी की यात्रा के लिए नेपाल गए थे। वापसी 14 सितंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन इस बीच नेपाल में हिंसा भड़कने के कारण सभी तीर्थ यात्री राजधानी काठमांडू में फंस गए। उन्हें होटल से बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी।

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काठमांडू में फंसे तीर्थयात्रियों की सूचना मिलते ही नगर विधायक एवं व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने विदेश मंत्रालय से संपर्क कर सहायता मांगी। मंत्रालय ने तत्काल भारतीय दूतावास को सक्रिय किया और राहत कार्य शुरू हुआ। नेपाल की राजधानी काठमांडू में फंसे यात्रियों में मुजफ्फरनगर निवासी सुनील तायल, कुलदीप सिंह, प्रवीन गोयल, सचिन गुप्ता, वरुण धनकर, पवन कुमार, अजय जैन, आसू बंसल, बागपत निवासी भोपाल सिंह और बिजनौर निवासी एक तीर्थ यात्री शामिल रहे। यात्रियों को वापसी के लिए निजी हवाई टिकट बुक करने पड़े, जिनकी कीमत सामान्य से तीन गुना अधिक बताई जा रही है। हालांकि, सभी ने सकुशल वापसी को लेकर भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और कपिल देव अग्रवाल का आभार प्रकट किया है।

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