धनतेरस के दिन पुलिस और बदमाशों में हुई दे दनादन, लखटकिया बदमाश ढेर

शामली में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया एक लाख का इनामी शातिर नफीस, बाग में ठेकेदारी छोड़कर खूब चलाया नकली नोटों का नेटवर्क, हत्या से छाया

शामली। धनतेरस के दिन जनपद पुलिस और शातिर बदमाश के बीच जमकर दे दनादन होती नजर आई। खूब फायरिंग हुई, इसमें पुलिस की गोली लगने से एक लाख का इनामी बदमाश नफीस ढेर हो गया। नफीस अपराध जगत में बेहद शातिर माना जाता था, नफीस कभी बाग ठेकेदार था। 1990 में लूट के विरोध में व्यापारी की हत्या के बाद वह अपराध की दुनिया में उतर गया और वो इसके बाद नसीम उर्फ चीचड़ गैंग से जुड़ गया था।
कांधला पुलिस के साथ गांव भभीसा के जंगल में शनिवार सुबह हुई मुठभेड़ में एक लाख रुपये का इनामी हिस्ट्रीशीटर बदमाश नफीस मारा गया। उस पर लूट, गैंगस्टर, जानलेवा हमले और नकली करेंसी समेत 34 मुकदमे दर्ज थे। वह तीन मामलों में वांछित चल रहा था। एसपी एनपी सिंह ने बताया कि कांधला पुलिस भभीसा चौकी पर चेकिंग कर रही थी। उसी समय बाइक पर दो संदिग्ध लोगों को पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो वे पुलिस टीम पर फायर करते हुए भाग निकलेमल। पुलिस ने पीछा किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आए बदमाश गोली लगने से घायल हुआ। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उसका साथी मौके से भाग गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
एसपी ने बताया मारा गया बदमाश नफीस कांधला के मोहल्ला खेल का निवासी था और थाने का हिस्ट्रीशीटर था। उस पर 34 मुकदमे दर्ज थे। उसके कब्जे से बाइक, पिस्टल, तमंचा और कारतूस बरामद हुए। एसपी ने बताया मुठभेड़ के दौरान बदमशो की तरफ से फायरिंग में कांधला थाना प्रभारी सतीश कुमार बल बल बचे हैं। उनकी बुलेट प्रूफ जैकेट पर गोली लगी है। शामली के कांधला में मुठभेड़ में मारा गया नफीस कभी आम का बाग ठेके पर लिया करता था। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, वर्ष 1990 में उसने पहली वारदात की थी। कांधला के दुर्गा मंदिर में लूट का विरोध करने पर इलेक्ट्रीशियन ईश्वर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने अपराध की राह पकड़ ली।
नफीस ने शामली के चर्चित नसीम उर्फ चीचड़ गैंग से हाथ मिला लिया और लगातार लूट, चोरी, डकैती और फिरौती जैसी वारदातों में शामिल रहा। उसने शामली के अलावा मुजफ्फरनगर, हरियाणा के करनाल और पानीपत तक अपना नेटवर्क फैला लिया था। एसपी ने बताया कि नफीस जाली नोटों के गिरोह का भी हिस्सा था। आठ माह पहले पकड़े गए गिरोह में उसका नाम सामने आया था। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं उसका संपर्क पाक एजेंटों से तो नहीं था। पुलिस पिछले 15 दिन से नफीस के पीछे लगी हुई थी। जानकारी मिली थी कि वह कांधला इलाके में बड़ी वारदात की साजिश रच रहा है। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी फायरिंग में वह मारा गया। उसके परिवार में पत्नी, बेटी और छोटा भाई है, जिन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।

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