मस्जिद का लाउडस्पीकर उतारने को लेकर हुई थी पुलिस से झड़प, चौकी इंचार्ज पर लगाये थे मारपीट-अभद्रता के आरोप
मुजफ्फरनगर। शहर में बझेडी रोड पर स्थित मदीना मस्जिद के मोअज्जिन के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मस्जिद का लाउडस्पीकर उतारने को लेकर हुए विवाद और पुलिस से हुई झड़प के बीच मोअज्जिन द्वारा दिए गए बयान ने माहौल को और गरमा दिया था। वहीं चौकी इंचार्ज पर मारपीट व अभद्रता के लगाए गए आरोपों के चलते मामला और तूल पकड़ गया। पुलिस की इस कार्रवाई पर जमीयत ने कड़ा एतराज जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
बता दें कि जमीयत उलेमा ए हिंद के जिलाध्यक्ष मौलाना मुकर्रम अली कासमी ने अन्य पदाधिकारियों के साथ एसएसपी संजय वर्मा से मुलाकात करते हुए पुलिस द्वारा केवल मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर को उतारने के लिए जोर जबरदस्ती की कार्रवाई को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि 10 दिसम्बर को सुबह फजिर की नमाज के दौरान ही थाना सिविल लाइन की चौकी कच्ची सड़क के इंचार्ज उप निरीक्षक विनोद कुमार कुछ पुलिसकर्मियों के साथ मदनी चौक पर स्थित मदीना मस्जिद पर पहुंचे थे और मस्जिद के मौअज्जिन मौहम्मद इरफान के साथ दुर्व्यवहार किया गया। मौअज्जिन इरफान ने भी एसएसपी कार्यालय पर मीडिया कर्मियों को दिए बयान में आरोप लगाया था कि पुलिस कर्मियों द्वारा मारपीट की और उनके साथ सरेआम गाली गलौच करते हुए अपमानित किया गया।

इसी बयान में मौअज्जिन इरफान ने आवेश में आकर पुलिस कर्मियों के लिए कुछ भड़काऊ बातें भी कह दी थी। जहां मौअज्जिन के साथ मारपीट का वीडिया वायरल हुआ तो मौअज्जिन का बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसी को भड़काऊ भाषण मानते हुए थाना सिविल लाइन पुलिस ने मौअज्जिन इरफान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर आशुतोष कुमार ने बताया कि मौअज्जिन इरफान ने सरेआम पुलिस कर्मियों पर टिप्पणी करते हुए भड़काऊ भाषण दिया। इसी को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही की जा रही है। वहीं जमीयत उलेमा ए हिंद के जिलाध्यक्ष मौलाना मुकर्रम ने पुलिस की इस कार्रवाई को ज्यादती और गलत करार देते हुए रोष जताया है। उनका कहना है कि हमने भी एसएसपी से शिकायत की थी, लेकिन आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने एसएसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराये जाने की मांग करते हुए कहा कि मौअज्जिन को बेइज्जत करने वाले पुलिस कर्मियों पर भी एक्शन लिया जाये। मौअज्जिन ने जो कहा वो उनकी भावना नहीं बेइज्जत होने का आवेश था।





