इससे पहले चोरी की घटनाओं में लिप्त उसके साथी दीपक, कपिल और सन्नी को 24 नवंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है
मुजफ्फरनगर। थाना नई मंडी पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिलें बेचने के लिए फर्जी आधार कार्ड तैयार करने वाले जनसेवा केन्द्र संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी चोरी के वाहनों के गिरोह से मिलकर फर्जी दस्तावेज बनाता था और उन्हें बेचने में सहयोग करता था। पुलिस ने आरोपी को एक लैपटॉप और प्रिंटर सहित दबोचा है।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बृजेश शर्मा के अनुसार, नई मंडी थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कूकड़ा जौली रोड स्थित पीएनबी जनसेवा केन्द्र पर चोरी के वाहनों की बिक्री के लिए फर्जी आधार तैयार किए जा रहे हैं। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जनसेवा केन्द्र से प्रकाश उर्फ चिराग उर्फ बेबी निवासी भरतिया कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से घटना में प्रयुक्त लैपटॉप और प्रिंटर भी बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। इससे पहले चोरी की घटनाओं में लिप्त उसके साथी दीपक, कपिल और सन्नी को 24 नवंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
थाना प्रभारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपी प्रकाश ने पूछताछ में बताया कि वह पीएनबी जनसेवा केन्द्र चलाता है। उसकी दोस्ती दीपक, कपिल और सन्नी से लंबे समय से है। ये तीनों विभिन्न क्षेत्रों से मोटरसाइकिलें चोरी करते थे। वाहन स्वामी का नाम और पता आरटीओ ऐप से पता लगाकर वह उनके नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। इन लोगों के पते पर अपने साथियों की फोटो लगाकर फर्जी आधार कार्ड वाहनों के स्वामियों के नाम से तैयार करता था। इसके बाद उसके गिरोह के दूसरे साथी चोरी की मोटरसाइकिलों को फर्जी दस्तावेज दिखाकर लोगों को बेचते थे, जिसमें प्रकाश को भी अच्छा पैसा मिलता था। चोरों के द्वारा चोरी की गई कई बाइकें फर्जी आधार कार्ड पर ही तैयार दस्तावेजों के जरिये अन्य लोगों को बेची गई थीं। उन्होंने बताया कि दीपक, कपिल और सन्नी की गिरफ्तारी के बाद से प्रकाश फरार चल रहा था। नई मंडी पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया और वहां से उसको न्यायिक अभिरक्षा में कारागार भेज दिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह और समय सिंह, हेड कांस्टेबल सचिन कुमार, कांस्टेबल आशीष कुमार शामिल रहे।






