नई दिल्ली/ढाका। जहां ICC और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड आमने-सामने नजर आ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की समयसीमा समाप्त होने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने बड़ा कदम उठाते हुए टूर्नामेंट में भाग न लेने का फैसला कर लिया है।
बीते कुछ दिनों से बांग्लादेश की ओर से यह मांग उठाई जा रही थी कि उसके विश्व कप मुकाबले भारत के बजाय किसी अन्य देश में कराए जाएं। हालांकि ICC ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और तय कार्यक्रम के अनुसार ही टूर्नामेंट आयोजित करने का निर्णय लिया।
ICC बैठक में बहुमत से खारिज हुई मांग
गुरुवार को ICC ने इस संवेदनशील मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेने के लिए पूर्णकालिक टेस्ट दर्जा प्राप्त 12 देशों और चार एसोसिएट सदस्यों की अहम बैठक बुलाई। इस बैठक में ICC की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई के चेयरमैन भी शामिल रहे। सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान वोटिंग हुई, जिसमें 14-2 के अंतर से यह तय किया गया कि टी20 विश्व कप अपने निर्धारित कार्यक्रम और स्थानों पर ही आयोजित होगा। इस फैसले के साथ ही ICC ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड की अपने मैच किसी अन्य देश में कराने की मांग को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया। ICC ने BCB को यह निर्णय अपनी सरकार को अवगत कराने और 24 घंटे के भीतर अंतिम रुख स्पष्ट करने को कहा था।
लंबी बैठक के बाद बांग्लादेश का अंतिम फैसला
ICC के रुख के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने गुरुवार को विश्व कप के लिए चुने गए खिलाड़ियों, टीम सलाहकारों और सरकारी प्रतिनिधियों के साथ लंबी बैठक की। इसी विचार-विमर्श के बाद BCB ने फैसला किया कि बांग्लादेश आगामी टी20 विश्व कप में हिस्सा नहीं लेगा।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमिनुल इस्लाम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनका बोर्ड इस मुद्दे पर ICC से बातचीत जारी रखेगा। उन्होंने कहा, “हम विश्व कप खेलना चाहते हैं, लेकिन भारत में नहीं। हम इस फैसले के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। ICC बोर्ड ने कई ऐसे फैसले लिए हैं जो हमें हैरान करते हैं।”
अमिनुल इस्लाम ने आगे कहा कि ICC ने भारत से बाहर उनके मैच स्थानांतरित करने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया, जिससे वे निराश हैं। उनका कहना था कि यदि ऐसे फैसले जारी रहे तो इसका असर विश्व क्रिकेट की लोकप्रियता पर पड़ेगा।
श्रीलंका में खेलने की मांग, सुरक्षा पर चिंता बरकरार
BCB अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि ICC उन्हें श्रीलंका जैसे तटस्थ स्थान पर खेलने की अनुमति देकर “न्याय” करेगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ICC इस मुद्दे पर समायोजन करने में विफल रहती है, तो इससे वैश्विक क्रिकेट को नुकसान होगा और यह मेजबान देश के लिए भी बड़ी विफलता साबित हो सकती है। अमिनुल इस्लाम ने दोहराया कि भारत में अपनी टीम की सुरक्षा को लेकर बांग्लादेश की चिंताएं अब भी बनी हुई हैं।
ICC में वोटिंग कैसे होती है?
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) में बड़े फैसले वोटिंग प्रक्रिया के जरिए लिए जाते हैं।
ICC के बोर्ड में कुल 16 सदस्य होते हैं—
- 12 पूर्णकालिक टेस्ट खेलने वाले देश
- 4 एसोसिएट (सहयोगी) देश
हर सदस्य को एक वोट का अधिकार होता है। किसी भी अहम प्रस्ताव को पारित करने के लिए साधारण बहुमत जरूरी होता है। इस मामले में बुलाई गई बैठक में वोटिंग के दौरान 14 देशों ने टूर्नामेंट तय कार्यक्रम के अनुसार भारत में कराने के पक्ष में वोट दिया, जबकि 2 देशों ने बांग्लादेश के समर्थन में मतदान किया। यही कारण है कि ICC ने बांग्लादेश की अपने मैच किसी अन्य देश में कराने की मांग को खारिज कर दिया।






