मुजफ्फरनगर में बुलडोजर एक्शनः आशियाना गिरता देखकर महिला हुई बेहोश

न्याजूपुरादृकाली नदी क्षेत्र में अवैध निर्माण पर ध्वस्तीकरण से मचा हड़कंप, आमने-सामने आए अधिकारी और स्थानीय लोग

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में अवैध निर्माण के खिलाफ की गई एमडीए की सख्त कार्रवाई उस समय तनाव का कारण बन गई, जब अपने मकान के ध्वस्तीकरण के दौरान एक महिला की तबीयत बिगड़ गई और क्षेत्र में विरोध के स्वर तेज हो गए। प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच नोटिस दिए जाने को लेकर भी विवाद सामने आया है। एमडीए के अधिकारी छह बुलडोजर के साथ अवैध निर्माध ध्वस्त करने निकले थे। जिस इलाके में ये कार्रवाई की गई, वहां गुरबत में जी रहे लोग अपने आशियाने बनाकर रह रहे हैं।
शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत न्याजूपुरा और काली नदी के बीच स्थित क्षेत्र में शुक्रवार को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम छह बुलडोजरों के साथ मौके पर पहुंची और निर्माणाधीन अवैध मकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला मीडिया से बातचीत करते हुए अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पानी पिलाकर उसे होश में लाने का प्रयास किया, जिसके बाद महिला की हालत में कुछ सुधार हुआ। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

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महिला ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि प्रशासन की कार्रवाई से वह गहरे सदमे में है और कहा कि मुसलमानों पर ही अत्याचार किया जा रहा है। महिला समेत अन्य स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का तीखा विरोध किया। महिलाओं ने भावुक होते हुए कहा कि यदि उनके आशियाने ही छीन लिए जाएंगे तो उनके सामने कोई विकल्प नहीं बचेगा। कुछ महिलाओं ने आत्मघाती बयान भी दिए, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एमडीए द्वारा ध्वस्तीकरण से पहले उन्हें किसी प्रकार का नोटिस नहीं दिया गया। उनका कहना है कि बिना पूर्व सूचना के की गई यह कार्रवाई अन्यायपूर्ण है।

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वहीं, एमडीए सचिव कुंवर बहादुर सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित अवैध निर्माणों को लेकर पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए जा चुके थे, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी रखा गया। इसी कारण नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर कुछ लोगों द्वारा राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल से भी फोन पर एमडीए सचिव की बातचीत कराई गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। पुलिस बल की मौजूदगी में एमडीए की टीम ने अपनी कार्रवाई जारी रखी। ध्वस्तीकरण के बाद पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि स्थानीय लोगों में कार्रवाई को लेकर गहरी नाराजगी देखी जा रही है।

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