बीडीओ चरथावल की रिपोर्ट पर लटकी पालिका की जांच

पालिका में 218 निर्माण कार्यों की निविदाओं में फर्जीवाड़े का मामला-प्रारंभिक जांच में चार निविदाएं ही मिली संदिग्ध

मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् की ओर से शहरी विकास के लिए प्रस्तावित 218 निर्माण कार्यों की निविदाओं में फर्जी प्रपत्र लगाए जाने के आरोपों ने पालिका प्रशासन में हलचल मचा दी है। इसके साथ ही जनता में भी चर्चाओं का बाजार शुरू हो गया है। भाजपा सभासदों की शिकायत में जहां निर्माण कार्यालयों के लिए आमंत्रित निविदाओं में भ्रष्टाचार और अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए गए, वहीं पालिका प्रशासन ने प्रारंभिक जांच में किसी बड़ी गड़बड़ी से इनकार करते हुए केवल चार निविदाओं में ही प्रपत्र संदिग्ध पाए जाने का दावा किया है, जिनकी जांच लंबित है। इससे साफ संकेत मिल रहा है कि पालिका प्रशासन भाजपा सभासदों के दबाव में नगरीय विकास को प्रभावित होने नहीं देना चाहता है और सभासदों की निविदा निरस्तीकरण की मांग पूरी नहीं होगी।

नगरपालिका परिषद् में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित 218 निर्माण कार्यों,कृजिनमें अधिकांश कार्य सड़क और नाला निर्माण से संबंधित हैंकृकी निविदाओं में ठेकेदारों द्वारा कथित रूप से फर्जी प्रपत्र लगाए जाने के आरोपों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भाजपा सभासदों योगेश मित्तल, राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, सीमा जैन, रजत धीमान और देवेश कौशिक ने अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह को पत्र लिखकर इन निर्माण कार्यों के लिए 12 जनवरी और 27 जनवरी को प्राप्त निविदाओं में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया था।

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भाजपा सभासदों के अनुसार, 12 जनवरी को 113 तथा 27 जनवरी को 105 निर्माण कार्यों के लिए निर्माण विभाग में निविदाएं प्राप्त हुई थीं। इन निविदाओं में ठेकेदारों द्वारा फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र, एफडीआर लगाए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने सभी निविदाओं को निरस्त कर पुनः निविदा आमंत्रित करने और दोषी ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत सामने आने के बाद पालिका में हंगामा मच गया और अधिशासी अधिकारी ने निर्माण विभाग से रिपोर्ट तलब की।

अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने इस सम्बंध में मीडिया को दी जानकारी में बताया कि उन्होंने इस मामले में प्राप्त शिकायतों और मीडिया में आ रही खबरों का संज्ञान लेकर पूर्व में ही सहायक अभियंता नैपाल सिंह को 31 जनवरी को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था, जिसका जवाब दे दिया गया है। एई ने 03 फरवरी को नोटिस को लेकर दिए अपने जवाब में स्पष्ट किया है कि केवल चार निविदाओं में ही संदिग्ध अनुभव प्रमाण पत्र पाए गए हैं और शेष निविदाएं नियमानुसार हैं।

ईओ ने बताया कि 13 अक्टूबर को सम्पन्न हुई बोर्ड बैठक में स्वीकृत निर्माण कार्यों को पूर्ण कराने के लिए निर्माण विभाग के माध्यम से निविदाएं आमंत्रित की गई थीं। निविदाएं खुलने के बाद प्रपत्रों की जांच के दौरान निर्माण विभाग के सहायक अभियंता नैपाल सिंह द्वारा चार निविदाओं में अनुभव प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए। ये प्रमाण पत्र खंड विकास अधिकारी, चरथावल के कार्यालय से संबंधित बताए जा रहे हैं। ईओ के अनुसार, सहायक अभियंता द्वारा इन अनुभव प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए बीडीओ चरथावल को पत्र भेजा गया है, लेकिन अभी तक वहां से कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। इसी आधार पर सभी 218 निविदाओं को निरस्त करने की मांग की जा रही है, जबकि प्रारंभिक जांच में अधिकांश निविदाओं के प्रपत्र सही पाए गए हैं। यदि बीडीओ की रिपोर्ट में ये प्रमाण पत्र फर्जी सिद्ध होते हैं, तो संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और केवल उन्हीं कार्यों के लिए पुनः निविदा आमंत्रित की जाएगी।

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114 निर्माण कार्यों में केवल 04 निविदाओं में मिला फर्जीवाड़ा

उधर, एई निर्माण नैपाल सिंह ने ईओ को दी गई आख्या में स्पष्ट किया है कि निर्माण विभाग के द्वारा शहरी क्षेत्र में बोर्ड द्वारा स्वीकृत कार्यों के लिए तीन चरण में निविदा आमंत्रित की गई हैं, इनमें कुल 239 कार्य प्रस्तावित किये गये हैं। एई के अनुसार इनमें निर्माण विभाग ने 19 दिसम्बर को 114, 02 जनवरी को 105 और 08 जनवरी को 20 निर्माण कार्यों की ई निविदा मांगी थी। इनका तकनीकी और वित्तीय परीक्षण विभागीय स्तर पर किया जा रहा है। 19 दिसम्बर को मांगी गई 114 निर्माण कार्यों की ई निविदाओं को 12 जनवरी को खोला गया।

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इनका तकनीकी और वित्तीय परीक्षण किया गया। इसमें 63 कार्यों की तकनीकी निविदा परीक्षण में पर्याप्त पाई गई, इनमें से चार कार्याे की तकनीकी निविदा में प्रपत्र संदिग्ध पाये जाने पर इनकी वित्तीय निविदा नहीं खोली गई। इन कार्यों में ठेकेदार फर्म द्वारा बीडीओ चरथावल के द्वारा जारी अनुभव प्रमाण पत्र संलग्न किया गया है, जो नियमानुसार नहीं होने पर इन चारों निविदिओं में प्राप्त अनुभव प्रमाण पत्र का सत्यापन कराने के लिए 28 जनवरी को उनके द्वारा बीडीओ चरथावल का पत्र लिखा गया, लेकिन 03 फरवरी तक उनकी रिपोर्ट विभाग को प्राप्त नहीं हो पाई थी। 27 जनवरी को प्राप्त 105 निर्माण कार्यों की तकनीकी निविदाओं का जांच चल रहा है, अभी पूर्ण नहीं हुआ है, इसमें कोई गड़बड़ी अभी प्राप्त नहीं हुई है। इसके लिए ईओ को आख्या दे दी गई है।

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