आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी पर संघ अध्यक्ष और नगर स्वास्थ्य अधिकारी आमने-सामने
मुजफ्फरनगर। गंगा दशहरा के अवसर पर आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी नगर पालिका क्षेत्र से बाहर लगाए जाने के आदेश को लेकर नगरपालिका परिषद में विवाद गहरा गया है। सफाई कर्मचारी संघ ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि विरोध दर्ज कराने पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने अभद्र व्यवहार किया, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया तथा धमकी दी। मामले में शहर कोतवाली में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
विवाद बढ़ने के बाद बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी पालिका परिसर पहुंचे और नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। संघ नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही विभागीय जांच और वित्तीय अनियमितताओं की भी जांच कराने की मांग उठाई गई है। सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नीरज बिडला ने बताया कि गंगा दशहरा के अवसर पर आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ।
उनका आरोप है कि वो इस सम्बंध में सोमवार को सुबह करीब नौ बजे नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय प्रताप शाही से इस मामले को लेकर मिले थे, उनके साथ रविदत्त भी था। इस मुलाकात के दौरान गंगा दशहरा में ड्यूटी लगाने को लेकर बातचीत की और साफ कह दिया कि सीमा से बाहर सफाई कर्मचारी कार्य नहीं करेंगे। आरोप है कि इस पर एनएसए डॉ. अजय शाही ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जातिसूचक शब्दों से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी पहली बार पालिका क्षेत्र से बाहर लगाने की तैयारी की गई थी, जबकि अब तक केवल संसाधन भेजे जाते रहे हैं।
नीरज बिडला का कहना है कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी नई व्यवस्था को जबरन लागू करना चाहते थे, जिसका कर्मचारी हित में विरोध किया गया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में शहर कोतवाली में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए जांच की मांग भी उठाई गई है। प्रदर्शन के दौरान संघ के महामंत्री मिलन कुमार सहित बड़ी संख्या में महिला और पुरुष सफाई कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने रोष व्यक्त करते हुए जमकर नारेबाजी की। बाद में संघ नेताओं और सफाई कर्मचारियों को साथ लेकर नीरज बिडला ने ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह से भी मुलाकात की और अपनी समस्या व पीड़ा उनको भी बताते हुए कार्यवाही की मांग की है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने आरोपों को बताया निराधार
नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय प्रताप शाही ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि गंगा दशहरा में सफाई व्यवस्था को लेकर अधिशासी अधिकारी से चर्चा हुई थी। इसी क्रम में डिवाइडर की सफाई के लिए लगाए गए लगभग 20 आउटसोर्स सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी वहां लगाने का प्रस्ताव रखा गया था। उन्होंने बताया कि सफाई कर्मचारी संघ के नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद ड्यूटी लगाने का निर्णय वापस ले लिया गया। डॉ. शाही के अनुसार ये आउटसोर्स कर्मचारी 13 अप्रैल को मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान अस्थायी व्यवस्था के लिए लगाए गए थे और अब तक कार्य कर रहे हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि सफाई कर्मचारी संघ अपनी बात अधिकारियों के सामने रख रहा है और वह भी अपना पक्ष प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने कहा कि यदि जांच होती है तो वह उसका सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
ईओ ने कहाकृड्यूटी को लेकर कोई आदेश जारी नहीं हुआ
मामले में अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने कहा कि गंगा दशहरा के दौरान सफाई व्यवस्था को लेकर नगर स्वास्थ्य अधिकारी से केवल मौखिक चर्चा हुई थी। ड्यूटी लगाने संबंधी कोई लिखित या मौखिक आदेश जारी नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि ईद-उल-अजहा का पर्व नजदीक होने के कारण पालिकाध्यक्ष द्वारा विशेष सफाई टीम लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारी उनसे मिले और अपनी बात रखी। इसके बाद नगर स्वास्थ्य अधिकारी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।






